स्वच्छता सर्वेक्षण में किए बदलाव, नगर निगम ने चौथी बार में नंबर 1 आने के लिए कसी कमर

इंदौर।:स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2020 के लिए नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य रूप से नवंबर, दिसंबर में सर्वेक्षण होगा। केन्द्र सरकार ने सर्वेक्षण में नए बदलाव भी किए है। आयुक्त ने सर्वेक्षण को लेकर बड़ा फेरबदल करते हुए उपायुक्त, स्वास्थ्य अधिकारी, इंजीनियर आदि के झोन बदले हैं। सुबह से रात तक एक बार फिर सफाई शुरू होगी। फिलहाल शहर में कई जगह गंदगी देखी जा सकती है।
स्वच्छता में हैट्रिक लगाने के बाद नगर निगम चौथी बार भी अव्वल आना चाहता है। आयुक्त आशीष सिंह ने इस संबंध में कसावट करते हुए उपायुक्त, स्वास्थ्य अधिकारी, इंजीनियरों सहित कई कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र बदले हंै।

पिछले दिनों इस संबंध में कमिश्नर ने जो आदेश जारी किया उसमें उपायुक्त लोकेन्द्र सिंह सोलंकी, निरजाराजे भट्ट, मीनाक्षी पाटीदार, अधीक्षण यंत्री महेश शर्मा, कार्यपालन यंत्री बृजमोहन गुप्ता, सहायक आयुक्त सुषमा धाकड़, प्रदीप जैन, दामोदर चौधरी को झोन बांटे गए हैं। इसी प्रकार स्वास्थ्य अधिकारियों में डॉ. के.एस. वर्मा, डॉ. अखिलेश उपाध्याय, डॉ. नटवर शारडा, डॉ. उत्तम यादव के बीच भी झोनों का बंटवारा हुआ है। इसी प्रकार राजेश जायसवाल, संदीप पाटोदी, गौतम भाटिया, विवेक गंगराड़े के भी कार्यक्षेत्र बदले गए हैं।

ओडीएफ, 7 स्टार रेंकिंग आदि पर होगा सर्वे
निगम नवंबर-दिसंबर में स्वच्छता में चौथी बार अवार्ड लाने के लिए पूरी ताकत झोकेगा। केन्द्र सरकार अगले वर्ष फरवरी, मार्च में सर्वेक्षण के परिणाम घोषित करेगी। दिल्ली की टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर सर्वे करने के लिए इंदौर पहुंचेगी। 7 स्टार रेंकिंग, ठोस, अपशिष्ट कचरा प्रबंधन, सीटीपीटी, ओडीएफ आदि को लेकर सर्वे होगा।