हमारे अनुभव ही हमें आगे की राह दिखाते हैं

अब शहरों में ही नहीं, कस्बों में भी कार से यहां-वहां जाते लोग नजर आ जाते हैं। आज कार से यात्रा करना हमारे जीवन का हिस्सा है।

लेकिन इसके साथ कई समस्याएं भी जुड़ी होती हैं, जैसे कहीं यात्रा के दौरान बीच रास्ते में ही कार का खराब हो जाना। ऐसे में कोई आसान और जल्दी सहायता मिलना मुश्किल हो जाता है।

मिहिर मोहन एक ऐसी शख्सियत हैं, जिन्होंने लोगों की इस आम समस्या के बारे में सोचा और इसके उपाय के तौर पर स्टार्टअप ‘पिटस्टॉप’ की शुरुआत की। यह भारत का पहला स्टार्टअप है, जो कार से जुड़ी किसी तरह की समस्या के निदान के लिए लोगों को उनके घर या दफ्तर तक सेवाएं देता है।

कैसे हुए प्रेरित
मिहिर मोहन पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं। उन्होंने इंजीनियरिंग करने के बाद नौकरी की, फिर स्टार्टअप की दुनिया में कदम रखा। उन्हें उद्यमियों का जीवन पसंद आया, क्योंकि उन्हें अपने तरीके से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की पूरी आजादी होती है।‘पिटस्टॉप’ शुरू करने से पहले उन्हें स्टार्टअप की दुनिया का अच्छा तजुर्बा हो गया था।

एक बार मिहिर मोहन बैंगलुरु में अपने परिवार के साथ कहीं घूमने जा रहे थे। रास्ते में उनकी कार खराब हो गई और इस मौके पर किसी पास के ‘सर्विस सेंटर’ से सहायता पाना भी मुश्किल हो गया। इस वजह से उन्हें अपनी वह यात्रा टालनी पड़ी। उस वक्त उन्होंने सोचा कि अगर कोई भरोसेमंद मैकेनिक उनके संपर्क में होता तो यह मुश्किल नहीं आती। यहां से उन्हें आइडिया आया कि क्यों न वह खुद कुशल मैकेनिक्स का एक ‘नेटवर्क’ बनाएं, जो लोगों को इस तरह की मुश्किलों से बाहर निकाल सके। उन्होंने साल 2015 में निवेशकों की मदद से स्टार्टअप ‘पिटस्टॉप’ की शुरुआत की। और छह लोगों की एक टीम के साथ अपने एप के जरिये अपने ग्राहकों को 90 मिनट के अंदर कार से जुड़ी सेवाएं देने लगे। शुरुआत पार्किंग सेवाएं देने से हुई। आगे अपनी सेवाओं में विस्तार करते हुए कार से जुड़ी मुख्य समस्याओं तक गए।

उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती थी कुशल तकनीशियनों का नेटवर्क बनाना और ग्राहक की मांग पर कार के असली पुर्जे उपलब्ध कराना। कई असफल प्रयोगों के बाद उनका यह स्टार्टअप बैंगलुरु में सफल रहा है। इससे प्रेरित होकर उन्होंने अपने स्टार्टअप को छह और शहरों में फैलाया, जहां सौ से ज्यादा तकनीशियन उनसे जुड़े हुए हैं।

अब वह अपने स्टार्टअप को दक्षिण-पूर्वी एशिया के देशों में फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। आज उनका कारोबार 2 करोड़ प्रति माह से भी अधिक है। हालांकि, उनके स्टार्टअप में ऐसे विशेषज्ञ हैं, जो नए तकनीशियनों को जरूरी प्रशिक्षण देते हैं। लेकिन, वह देश के पॉली टेक्निक कॉलेज से भी जुड़ रहे हैं, ताकि अपने स्टार्टअप में कुशल तकनीशियनों को रोजगार दे सकें।

सीख
– हमारे अनुभव ही हमें आगे की राह दिखाते हैं। वह हमें हमारी पुरानी गलतियों को न दोहराने और उनसे कुछ ग्रहण करते हुए आगे बढ़ने की सीख देते हैं। अपने अनुभवों को संजोएं।