हरिवंश नारायण का पत्रकार से नेता बनने तक का ऐसा रहा है सफर

नई दिल्ली। जेडीयू के सांसद हरिवंश नारायण सिंह को गुरुवार को राज्यसभा का उप सभापति चुन लिया गया है।हरिवंश जद (यू) के महासचिव भी हैं। अप्रैल 2014 में उन्हें राज्यसभा के लिए बिहार से चुना गया था और उनका कार्यकाल अप्रैल 2020 में पूरा होगा।हरिवंश सिंह को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है। वह हिंदी दैनिक प्रभात खबर के पूर्व संपादक रह चुके हैं।यूपी के बलिया जिले के रहने राज्यसभा सांसद हरिवंश नारायण को उपसभापति पद का एनडीए की ओर से उम्मीदावार बनाए जाने पर उनके पैतृक गांव में खुशी का माहौल है।

वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश का जन्म 30 जून 1956 को दलजीत टोला सिताबदियारा में हुआ। हरिवंश ने अपनी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षा गांव के सटे टोला काशी राय स्थित स्कूल से शुरू की।जेपी इंटर कालेज सेवाश्रम से 1971 में हाईस्कूल पास करने के बाद वे वाराणसी पहुंचे। वहां यूपी कॉलेज से इंटरमीडिएट और उसके बाद काशी हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक और पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल किया।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में डिप्लोमा के दौरान ही वर्ष 1977-78 में टाइम्स ऑफ इंडिया समूह मुंबई में प्रशिक्षु पत्रकार के रूप में उनका चयन हुआ।इसके बाद वे टाइम्स समूह की साप्ताहिक पत्रिका धर्मयुग में 1981 तक उप संपादक रहे। साल 1981-84 तक हैदराबाद एवं पटना में बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी की।वर्ष 1984 में पत्रकारिता में दोबारा लौटे और 1989 अक्तूबर तक आनंद बाजार पत्रिका समूह से प्रकाशित रविवार साप्ताहिक पत्रिका में सहायक संपादक रहे।