हर दिन कुछ सीखते और खोज करते हुए बिताएं

ग्रामीण स्तर पर विकास लाकर ही सही मायनों में समाज या देश का उत्थान संभव है। अरुण नागपाल ने इस मूल विचार को अपनी कर्म भूमि बनाया और अब अपनी व्यावसायिक इकाई ‘मृदा ग्रुप’ से ग्रामीण इलाकों के विकास को आगे ले जा रहे हैं।

इनकी यह व्यावसायिक इकाई ग्रामीणों, ग्रामीण स्तर के उद्यमियों, स्वयंसेवी समूहों और कॉर्पोरेट इकाइयों के साथ मिल कर काम करती है। यह सुनिश्चित करती है कि उच्च गुणवत्ता के अनाज, औषधियों की उपज और भंडारण के साथ-साथ उपभोक्ताओं को सहज ही उत्तम चीजें उपलब्ध हो जाएं। वे अपनी इस पहल के जरिये छोटे और दूर-दराज के ग्रामीण समूहों को लाभ पहुंचा रहे हैं।

कैसे हुए प्रेरित: अरुण नागपाल के पिता ग्रामीण विकास को लेकर बेहद जुनूनी थे। वे महाराष्ट्र सरकार में उद्यान विशेषज्ञ की हैसियत से काम करते थे। अरुण जब बचपन में अपने पिता के साथ गांवों और खेतों में घूमने जाया करते, तब वे अपने पिता को गांवों के विकास को लेकर काम करते हुए देखते। वे इससे काफी प्रभावित हुए और इसी तरह अपने पिता के साथ घूमते हुए उनके सपने को भी जीने लगे।

बड़े हुए, तो मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की। फिर व्यवसाय में अपनी रुचि के चलते आईआईएम कोलकता से मैनेजमेंट की पढ़ाई की। सिर्फ 38 साल की उम्र मेंे उन्हें एक कंपनी का प्रमुख बनने का मौका मिला और फिर अपने जीवन का लंबा वक्त कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करते हुए बिताया।

वे कहते हैं कि उन्हें यह सफलता अपने बेहतर जीवन मूल्यों, शिक्षा, मार्गदर्शन और साथियों के सहयोग से मिली है। वे उन्नति के वैसे ही बेहतर हालात गांवों व उपेक्षित समाज के लिए बनाना चाह रहे थे, जिसका सपना बचपन से उनकी आंखों में था। उनका यह सपना ‘मृदा’ के रूप में साकार हुआ।

योजना यह थी कि आत्म सक्षम, व्यावसायिक इकाई का निर्माण किया जाए, जिससे सामाजिक, पर्यावरणीय और आर्थिक विकास संभव हो। उन्होंने इस योजना की शुरुआत में ऊर्जा संसाधनों को दूर-दराज के इलाकों तक उपलब्ध कराया। बाद में कृषि के क्षेत्र के विकास और प्रबंधन पर दखल दिया। वे अपने कॉर्पोरेट दुनिया से हासिल तजुर्बे को गांवों के विकास कार्य में लगाने में लगे हैं।

सक्सेस के 3 मंत्र

1- अरुण नागपाल कहते हैं कि छात्रों को स्टार्टअप की दुनिया में टिके रहने के लिए हर दिन सीखते और खोज करते हुए बिताना चाहिए। 

2- किसी भी चीज के लिए पहल करना आना चाहिए। साथ में यहां कई जिम्मेदारियां निभाने के लिए भी तैयार रहें।

3- स्टार्टअप जो आइडिया के स्तर पर बेहद शानदार लग रहा होता है, वह जमीनी स्तर पर बेहद अलग होता है। जहां लंबे समय तक काम का दबाव होता है। ऐसे में जोखिम उठाते हुए नए रास्ते बनाने पड़ते हैं, जहां गिरने के बाद उठने का साहस दिखाना पड़ता है। तभी सफलता भी मिलती है।