हर मानव में राम अर्थात राइट ऐक्शन मैन बनने का सामर्थ्य है – साध्वी दीपिका भारती

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्ग दर्शन में दिल्ली के रामलीला ग्राउंड, सेक्टर-7, रोहिणी में सात दिवसीय भव्य श्री रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दुसरे दिवस पर श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या कथाव्यास साध्वी सुश्री दीपिका भारती जी ने उपस्थित जन समूह को श्रीराम के आध्यात्मिक, सांस्कृतिक तथा सामाजिक जीवन चरित्रों से अवगत करवाते हुए कहा, “श्री राम (RAM) पुरुषों में उत्तम अर्थात मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं अर्थात Right Action Man और श्री राम आज भी तत्व रूप में इस ब्रह्माण्ड के कण कण में हैं और मानव की चेतना में रमण करते हैं; परन्तु सुषुप्तावस्था में यदि उस राम तत्व का जागरण हो जाये तो हर मानव इस कलयुग में भी अपने wrong actions को तिलांजलि देकर, right actions की ओर बढ़ सकता है.” उन्होंने कहा, “श्री राम के जीवन से हमें आदर्श जीवन प्रणाली की शिक्षा मिलती है! यदि हम उसे अपने जीवन में धारण करें तो हममें भी Right Action Man अर्थात राम बनने का सामर्थ्य है!” संस्थान द्वारा देश विदेश में आयोजित भगवत कार्यक्रमों तथा सभाओं के साथ साथ कॉर्पोरेट वर्कशॉप्स इत्यादि के माध्यम से समाज में व्याप्त रूढ़ियों व भ्रांतियों का शास्त्रोचित खंडन किया जाता है तथा सभी धर्मों ग्रन्थों में निहित एकत्व को समाज को प्रकट कर समाज में आपसी भाईचारे हेतु जागरूकता फैलाई जाती है।

श्रीराम कथा के दिव्य प्रांगण में कथाव्यास जी ने सती को जीवात्मा का प्रतीक कहा! सती के संशय को आज के आधुनिक वर्ग की प्रभु के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाने की मानसिकता के साथ जोड़ते हुए उन्होंने कहा, “जिस जिस ने भी आज तक existence of god पर संदेह किया है उसका पतन ही हुआ है.

Lenin, Stalin, Marx, Frued इत्यादि इसके आधुनिक उदाहरण हैं!” श्रीराम कथा मंडली में शामिल गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी के साधू एवं साध्वी संगीतज्ञ शिष्यों ने श्री रामायण के उत्तम श्लोकों तथा श्री रामचरितमानस की आध्यात्मिकता से परिपूर्ण चौपाइयों को स्वरों में बांध कर पूरे कथा प्रांगण को राम रस से सराबोर कर दिया। शिव विवाह के उत्सव को मनाते हुये कुछ भगवत प्रेमी भोले बाबा के बाराती बन नाचे और कुछ ने स्वयं को माँ पार्वती के पक्ष में रख लड़कीवाले बन बड़े धीरज से कथा का रसपान किया। अंत में श्री हरी की सामूहिक आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ।

कथा प्रांगण में संस्थान के सामाजिक प्रकल्पों में चलते प्रयासों की फोटो प्रदर्शनी के साथ साथ अभावग्रस्त वर्ग तथा विकलांगों, अपाहिजों, नेत्रहीनों और जेल के कैदयों द्वारा बनाए गयी सामाग्री जैसे की हर्बल साबुन, हीना, मोमबत्तियों इत्यादि के भी स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही संस्थान की आयुर्वेदिक फार्मेसी में बनाई गयी दवाइयाँ तथा देसी गाय का गो मूत्र, घृत इत्यादि भी स्टालों पर उपलब्ध है।