हादसा होने पर स्कूल जिम्मेदार नहीं,पेरेंट्स से भरवाए जा रहे हैं बॉन्ड

डीपीएस बस हादसे में चार बच्चों की मौत और अभिभावकों के आक्रोश के बाद निजी स्कूल संचालक जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाने लगे हैं। शहर के एक बड़े इंटरनेशनल स्कूल ने खुद को बचाने के लिए अभिभावकों से बॉन्ड भरवाना शुरू कर दिया है। इसमें यह लिखा गया है कि अगर स्कूल में किसी हादसे में बच्चे की मौत भी हो जाए तो उसके लिए स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार नहीं होगा। यह बांड अभिभावकों के बीच पहुंचने के बाद विरोध शुरू हो गया है।

अभी डीपीएस स्कूल के गैरजिम्मेदाराना रवैये को अभिभावक भुला भी नहीं पाए हैं और एमराल्ड हाइट्स स्कूल की मनमानी का एक नया मामला सामने आ गया। पहले इसी स्कूल में एक छात्र की फुटबॉल खेलने के दौरान करंट लगने से मौत हो गई थी। इसके लिए अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया था।

स्कूल प्रबंधन ने इस हादसे से घबराकर अगले सत्र के लिए खुद के बचाव में एक रास्ता निकाल लिया है। यह रास्ता स्कूल प्रबंधन की अमानवीय हरकत को भी उजागर कर रहा है। वहीं अभिभावकों के लिए गले की हड्डी बन गया है। बच्चों के भविष्य के डर से कोई भी खुले तौर पर बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि दबी जुबान से सभी इसका विरोध कर रहे हैं।

यह है बॉन्ड में-

बॉन्ड में यह स्पष्ट किया गया है कि अगर छात्र के स्कूल में संचालित होने वाली किसी भी शैक्षणिक, खेल, वार्षिक या अन्य गतिविधि में भाग लेने के दौरान कोई दुर्घटना होती है। इसमें अगर विद्यार्थी की मौत भी हो जाती है तो इसके लिए स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार नहीं रहेगा। न अभिभावक कोई क्षतिपूर्ति पाने के हकदार होंगे। न स्कूल के विरुद्ध कोई केस लगा सकता है।

स्कूल के बाहर हंगामा और प्रदर्शन-

शुक्रवार को चिन्मयी एनजीओ से जुड़े युवक स्कूल पहुंचे। उन्होंने लव वर्मा के नेतृत्व में स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया। निदेशक मुक्तेश सिंह चर्चा करने बाहर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक बच्चा स्कूल परिसर में है उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ प्रबंधन की होती है।

लाखों रुपए फीस वसूलने वाले स्कूल बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी से कैसे भाग सकते हैं। ऐसा बॉन्ड भरवाकर तो प्रबंधन बच्चे के साथ कोई भी अप्रिय घटना होने पर पूरी तरह बरी हो जाएगा। यह अभिभावकों पर भावनात्मक रूप से अत्याचार करना है।