हारने के बावजूद, सफलता के लिए बार-बार करते रहें कोशिश

दुनिया में जितने भी सफल लोग हुए हैं, उनमें एक बात आमतौर पर दिखती है। इनमें से ज्यादातर ने सफलता का स्वाद कई बार हार देखने के बाद ही चखा है। इनसे हमें जो चीज सीखनी चाहिए, वह ये है कि इनकी तरह हमें भी कभी हार नहीं माननी चाहिए। इसके विपरीत हममें से ज्यादातर लोग एक या दो असफलता से घबरा जाते हैं। हमारे भीतर ऐसी कुंठा बैठ जाती है कि हम आगे प्रयास करना ही बंद कर देते हैं। मगर हमें तब तक हार नहीं माननी चाहिए, जब तक हम अपनी मंजिल पर न पहुंच जाएं। ऐसी ही प्रेरक कहानी है अमेरिकी बिजनेसमैन रोज पेरॉट की। आइए जानते हैं इसके बारे में

अमेरिका में एक प्रसिद्ध बिजनेसमैन हुए हैं रोज पेरॉट। रोज के जीवन के बारे में पूरी जानकारी हासिल होने के बाद भले ही आप उसे पसंद करें या ना करें लेकिन उनके बार बार असफल होने के बाद सफल होने की कहानी आपको प्रेरित जरूर करेगी।

रोज पेरॉट की जीवनी लिखने वाले सैम विले ने बताया कि रोज को जल्द ही आईबीएम में नौकरी मिल गई थी। यहां उसे सेल्स डिपार्टमेंट में जॉब मिली थी। यहां अपनी मेहनत के बल पर वह बहुत ही जल्दी वह कंपनी के टॉप कर्मचारी बन गए। रोज को यहां एक साल के लिए जो टार्गेट मिला उसे दो सप्ताह में पूरा कर लिया।

इसके बाद वह अपने आइडिया अपने सुपरवाइजर के सामने रखने की कोशिश करते लेकिन हर बार उन्हें अनदेखा कर दिया जाता। खुद को इग्नोर किए जाने से परेशान रोज ने 1962 में आईबीएम से नौकरी छोड़ने का फैसला लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी खुद की कंपनी बनाने का फैसला किया।

उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक डाटा सिस्टम नाम की कंपनी बनाई और लोगों को अपनी सेवाएं बेचने की कोशिश करने लगे। लेकिन दुख बात यह रही जहां भी वह अपने पहले कंटैक्ट के लिए जाते वहां उन्हें काम देने से मना कर दिया जाता। उनके साथ ऐसा करीब 77 बार हुआ। और अंत में 78वें प्रयास में उन्हें पहला कंटैक्ट मिला। इसके बाद क्या था उनकी गाड़ी चल पड़ी और देखते ही देखते वह अमेरिका के टॉप बिजनेसमैन में शुमार हो गए।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है