हिलेरी क्लिंटन पहुंची ऐतिहासिक नगरी मांडू

अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन सोमवार सुबह महेश्वर से मांडू पहुंची। यहां उन्होंने रानी रूपमती और बाज बहादुर की प्रेम कहानी को जाना और यहां बने महलों को देखा। हिलेरी ने मध्यप्रदेश की अपनी यात्रा को उद्भुत बताया। मांडू का हिंडोला महल देखकर वे अभिभूत हो गईं। इसके बाद वे वापस महेश्वर पहुंचकर अहिल्या बाल ज्योति स्कूल में बच्चों से मुलाकात करेंगी।

इसके बाद किला परिसर में ही संचालित राजपरिवार की महेश्वरी साड़ियों की निर्माण यूनिट ‘रेवा सोसायटी’ का निरीक्षण करेंगी। इस दौरान वे महेश्वरी साड़ियां बनाने की प्रक्रिया से रूबरू होंगी। वहीं हथकरघा पर निर्मित महेश्वरी साड़ी और अन्य परिधान देखेंगी। किला परिसर और अन्य ऐतिहासिक धरोहर देखने के बाद नौका विहार करेंगी।

राज परिवार के सूत्रों के अनुसार भारत पहुंची हिलेरी उनके आग्रह पर उनके ‘स्टेट’ महेश्वर पहुंची हैं। अमेरिकी नागरिकता प्राप्त रिचर्ड होलकर को अमेरिका जाना था। इस कारण हिलेरी ने कार्यक्रम में परिवर्तन कर मप्र में सबसे पहले महेश्वर यात्रा को चुना। इसके बाद वे राजस्थान जाएंगी। पहले वे सबसे बाद में महेश्वर आने वाली थीं।

हिलेरी के लिए बिलकुल साधारण कमरा पसंद किया गया है। होटल अहिल्या फोर्ट के लक्जरी रूम को हिलेरी के साथ आए सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षा की दृष्टि से रिजेक्ट कर दिया। होटल के दक्षिणी छोर पर किले के झरोखे से नर्मदा दर्शन वाला कमरा भी सुरक्षा कारणों से नहीं लिया गया। किला परिसर के बीचोबीच बने कमरे बुलबुल, कचनार और चंपा को हिलेरी के रुकने के लिए तैयार किया गया है।