हैदराबाद में घटना दहशत से सहमीं शहर की युवतियां

घर पहुंचने तक परिजनों से करती रही बात, ऑटो चालक ने कहा- तुम मेरी बेटी जैसी हो डरो नहीं

 उज्जैन-हैदराबाद में सामूहिक दुष्कर्म के बाद 27 वर्षीय वेटरनरी डॉक्टर को जलाने की घटना से महिलाएं दहशत में हैं। स्थिति यह हो गई है कि रात 8 बजे ऑटो से अकेले घर लौटने में उन्हें डर लग रहा है। वाक्या नानाखेड़ा से सांईबाग कॉलोनी के बीच का है।

इंदौर से लौटी युवती ने पहले तो ऑटो से अकेले घर लौटने पर असहमति जताई लेकिन मजबूरी में जब वह ऑटो में बैठी तो पूरे समय परिजनों से मोबाइल पर बात करती रही।

सांईधाम कॉलोनी में रहने वाली 32 वर्षीय युवती इंदौर से अपनी सहेली के साथ बस में बैठकर नानाखेड़ा बस स्टैंड उतरीं। रात 8 बजे थे, उन्हें ऑटो में बैठकर घर सांईबाग तक जाना था लेकिन उन्होंने अपनी सहेली से ऑटो में बैठकर अकेले घर जाने पर असहमति जताई और ऑटो चालक पर संदेह भी प्रकट किया। दोनों सहेलियों की बात को ऑटो चालक ने सुना और कहा कि तुम मेरी बेटी जैसी हो, डरो नहीं। घर तक सही सलामत छोडूंगा, लेकिन सहमी युवती ऑटो में बैठने के बाद मोबाइल पर पूरे रास्ते परिजनों से बातचीत करती रही और अपनी लोकेशन भी बताती रही।

यह दहशत अचानक युवती के मन में कैसे उत्पन्न हो गई पूछने पर बताया कि हैदराबाद में वेटरनरी डॉक्टर के साथ जो घटना हुई है उसके बाद किसी पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है। महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं, हमें अपनी सुरक्षा स्वयं करना होगी।एक माह में एक भी कार्रवाई नहीं

निर्भया के साथ हुए अमानवीय कृत्य के बाद शहर में छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिये पुलिस द्वारा निर्भया वाहन चलाया गया था। उस समय अधिकारियों ने दावे किये थे कि किसी भी महिला, युवती के साथ छेड़छाड़ की घटना की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जायेगी, लेकिन वर्तमान में यह निर्भया वाहन कहां चल रहा किसी को नहीं पता।

स्कूल, कॉलेज के बाहर होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिये भी पुलिस द्वारा कोई अलग प्रयास नहीं किये जा रहे। ऐसे में महिलाओं, युवतियों में भय उत्पन्न होना स्वाभाविक है।

पुलिस तुरंत करेगी कार्रवाई-स्कूल, कॉलेजों के आसपास निर्भया वाहन लगातार भ्रमण करता है। जिसमें महिला थाने का पुलिस बल मौजूद रहता है। इसके अलावा डायल-100 वाहन भी शहर में लगातार भ्रमण करते है। किसी भी महिला अथवा युवती के साथ छेड़छाड़ या अन्य घटना होती है तो वह डायल-100 पर सूचना दे सकती है। इसके अलावा महिलाओं के लिए टोल फ्री नंबर भी है। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क है और किसी प्रकार के भय का वातावरण नहीं है। सचिन अतुलकर, एसपी

एक माह में एक भी कार्रवाई नहीं-निर्भया के साथ हुए अमानवीय कृत्य के बाद शहर में छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिये पुलिस द्वारा निर्भया वाहन चलाया गया था। उस समय अधिकारियों ने दावे किये थे कि किसी भी महिला, युवती के साथ छेड़छाड़ की घटना की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जायेगी, लेकिन वर्तमान में यह निर्भया वाहन कहां चल रहा किसी को नहीं पता। स्कूल, कॉलेज के बाहर होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिये भी पुलिस द्वारा कोई अलग प्रयास नहीं किये जा रहे। ऐसे में महिलाओं, युवतियों में भय उत्पन्न होना स्वाभाविक है।

डर तो लगता है-कई बार कोचिंग पर देर हो जाती है तो डर तो लगता है। पुलिस द्वारा सुरक्षा की बातें कहीं जाएं लेकिन हर जगह पुलिस मौजूद नहीं हो सकती। अपनी सुरक्षा स्वयं को करना होगी। सचेत रहने की भी जरूरत है। दूसरों से मिलने वाली सुरक्षा के भरोसे नहीं रह सकते। पयूधि व्यास, छात्रा

सख्त कानून बने-सरकार दुष्कर्मियों को सजा के लिये कानून बना रही है, लेकिन और सख्त कानून की जरूरत है। युवतियां, महिलाएं आज भी असुरक्षा महसूस कर रही हैं। देश में आये दिन ऐसे मामले सामने आते हैं जिन्हें सुनने और पढऩे के बाद डर लगना स्वाभाविक है। निकिता खरे, छात्रा

सुरक्षा के प्रति सजगता जरूरी-महिलाओं के लिये कहीं भी परिस्थितियां ठीक नहीं हैं। दिन हो या रात अकेली महिलाओं और युवतियों को लोग गलत नजर से देखते हैं। अपनी सुरक्षा के प्रति हमें स्वयं सजग रहना जरूरी है। किसी प्रकार की गड़बड़ नजर आने पर तुरंत पुलिस को सूचना देना चाहिये। उषा सोड़ानी, समाजसेविका

घटना दहलाने वाली-हैदराबाद की घटना के बाद गुस्सा आता है। आखिर सुरक्षा एजेंसियां महिलाओं की सुरक्षा के लिये कड़े कदम क्यों नहीं उठाती। महिलाएं और युवतियां टिप्पणी और छेड़छाड़ की शिकार होती हैं। जैसे ही कोई पुलिस को फोन करे पुलिस को तत्काल कार्रवाई करना चाहिए। तेजस्विनी आचार्य, छात्रा