18 जनवरी को जीएसटी काउंसिल की बैठक, डीजल-पेट्रोल को लेकर हो सकता है अहम फैसला

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच आगामी 18 जनवरी को जीएसटी काउंसिल की एक अहम बैठक होने जा रही है। देश भर में पेट्रोल और डीजल के रेट अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं। इससे सरकार को काफी मुश्किल हो रही है। मुंबई में पेट्रोल 80 के करीब तो हैदराबाद में डीजल की कीमत 67 के पार चली गई है। केंद्र सरकार की कोशिश है कि इन पर लगने वाले टैक्स को जीएसटी के दायरे में लाया जाए।

केंद्र सरकार अक्टूबर के बाद से राज्य सरकारों से अपील कर चुकी है कि वो पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले वैट व एक्साइज को घटा दें। लेकिन राज्य सरकारें इस पर राजी नहीं हुई हैं।पेट्रोलियम मंत्रालय का मानना है कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी के दायरे में लाना बेहद जरूरी है।

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है, तो जीएसटी के साथ सेस भी लग सकता है। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, यूपी, उत्तराखंड और चंडीगढ़ एक-समान सेस लगा सकते हैं ताकि, इन राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमत एक रहें। पेट्रोलियम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बढ़ती कीमतों के चलते पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती से पेट्रोलियम पदार्थो को जीएसटी के दायरे में लाना एक बेहतर विकल्प है।