20 वर्षीय युवक को स्लिप डिस्क, दूरबीन पद्धति से किया ऑपरेशन

इंदौर। शहर में शुक्रवार से शुरू हुई तीन दिनी अंतरराष्ट्रीय एंडोस्कोपिक लाइव सर्जरी कार्यशाला के पहले दिन 20 वर्षीय और 43 साल के व्यक्ति की एंडोस्कोपिक (दूरबीन पद्धति) सर्जरी की गई।
इंदौर स्पाइनल वेलफेयर सोसायटी की ओर से लाइव ऑपरेटिव वर्कशॉप ऑन एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी थीम पर आयोजित कार्यशाला में रीढ़ की अलग-अलग बीमारियों के 8-10 मरीजों की सर्जरी की जाएगी। डॉ. प्रसाद पाटगांवकर ने बताया कि मरीज के शरीर में 8 मिमी का छोटा सा छेद कर एंडोस्कोपी के जरिये सर्जरी की जा रही है। पहले दिन डॉ. पालानी कुमार (तमिलनाडु), डॉ. प्रदीप सिंह (मुंबई) और डॉ. गिरीश दातार (मिराज) की टीम ने सर्जरी की। इस सर्जरी से मरीज को न तो लंबी सर्जरी से गुजरना पड़ता है। न ही ज्यादा वक्त अस्पताल में बिताना पड़ता है। रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन में जोखिम यह होता है कि यदि थोड़ी भी गलती हो जाए तो मरीज उठ नहीं पाता। इस सर्जरी के दौरान शरीर में ज्यादा चीर-फाड़ नहीं की जाती। इसी वजह से खून भी कम बर्बाद होता है। सर्जरी के एक घंटे के भीतर ही मरीज चल सकता है। इसमें ब्राजील, केन्या, इंडोनेशिया, नाइजीरिया और लीबिया के डेलीगेट्स शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र से भी विशेषज्ञ शामिल हुए।