48 काव्य के अघ्र्य चढ़ाकर भक्तामर महामंडल विधान शुरू

उज्जैन। भक्तामर महामंडल विधान के साथ नौ दिवसीय विधान महोत्सव शुरू हुआ। तपोभूमि प्रणेता प्रज्ञासागर मसा प्रेरणा से नौ दिनों तक अलग-अलग नौ विधान उज्जैन के दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र श्री महावीर तपोभूमि तीर्थ पर किए जाएंगे उसी के अंतर्गत बुधवार सुबह श्रीजी के अभिषेक शांतिधारा के बाद 9 देवताओं की पूजा एवं आदिनाथ भगवान की पूजा के साथ भक्तामर महामंडल विधान शुरू हुआ। इसमें मंडलजी की रचना की गई एवं 48 अघ्र्य समर्पित किए गए व 108 जाप भी दिए। अष्ट द्रव्य से विशेष पूजा की गई एवं भक्ति में भगवान की आराधना गीतों पर समाजजनों ने गरबा किया।
नौ दिनों तक प्रतिदिन पुण्यार्जक परिवार द्वारा अलग-अलग विधान किये जायेंगे। 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से प्रभु महावीर स्वामी के अभिषेक से महोत्सव की शुरुआत होगी। शुभारंभ अभय सौगानी महिदपुर परिवार द्वारा ध्वजारोहण करके किया जाएगा।

साथ ही मंगल कलश स्थापना नितिन कविता सोनी इंदौर द्वारा एवं अखंड दीप प्रज्वलन का सौभाग्य प्रमोद इंद्रा पापड़ीवाल परिवार इंदौर तपोभूमि के अध्यक्ष अशोक जैन चाय वाला परिवार संजय कासलीवाल प्रज्ञा कला मंच की विनीता कासलीवाल परिवार हंस कुमार जैन परिवार निर्मल सेठी परिवार को प्राप्त हुआ।

साथ ही 50 से भी अधिक सौभाग्यशाली परिवार मिलकर नौ दिनों तक जिनेंद्र भगवान की आराधना करेंगे।। प्रतिदिन शाम को तपोभूमि में विराजित मां पद्मावती देवी की मनोहारी प्रतिमा का मनमोहक शृंगार एवं गोदभराई का आयोजन होगा।