देवीय कथा

सृष्टि का पहला श्राद्ध हुआ था यहां…

पितरों की आत्मा की शांति व मोक्ष गति के लिए हर साल पितर पक्ष पर मृत आत्माओं का अपने परिजनों के घर पर आगमन होता है।

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कृष्णा ने कर्ण को बताई थी अपनी यह पीड़ा

जीवन में परेशानियां हर किसी की होती हैं, लेकिन अपने बदलवों के लिए उन परेशानियों को दोषी करार देना हमेशा ही गलत होगा। शास्त्रों ही नहीं इतिहास में भी इसके कई उदाहरण मिलते हैं। हिटलर अपने साथ हुए बुरे बर्ताव के कारण हजारों की जानें लेकर इतिहास में अपनी क्रूरता के लिए अमर हो गया, लेकिन गांधी जी ने अपने साथ ...

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ताकतवर होने के बावजूद हनुमानजी ने कैद से क्यों नहीं कराया माता सीता को मुक्त

रामायण में भगवान राम और रावण  के बीच हुए युद्ध में हनुमान जी ने बड़ी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हनुमान जी भगवान शिव के ग्यारहवें अवतार माने जाते है और वे अपने बल और बुद्धि के बल से कई तरह की समस्या का निदान फौरन ही हल कर दिया करते हैं।

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