कोई भी अवसर छोटा या बड़ा नहीं होता है, पहचान करना सीखें

काफी समय पहले की बात है। एक युवक चित्रों की दुकान में गया। उसने उस दुकान में कई चित्र देखे लेकिन उनमें से कुछ चित्र काफी अजीबोगरीब थे। एक चित्र में एक चेहरा पूरी तरह से ढंका हुआ था व पैरों में पंख थे। वहीं, एक और चित्र था, जिसमें सिर में पीछे बाल नहीं थे। यह देखकर युवक काफी सोच में पड़ गया। वह काफी देरतक सोचता रहा कि आखिर ऐसा चित्र क्यों बनाया गया होगा।कुछ देरतक सोचने के बाद युवक ने आखिरकार दुकानदार से पूछ ही लिया।

उसने दुकानदार से पूछा कि यह चित्र किसका है? इस पर दुकानदार ने जवाब दिया कि यह अवसर का चित्र है। इसपर ग्राहक ने कहा, ‘अगर अवसर का चित्र है तो इसका चेहरा बालों से क्यों ढका हुआ है?इसपर दुकानदार ने युवक को जवाब दिया कि ऐसा चित्र इसलिए बनाया गया है क्योंकि जब भी अवसर सामने होता है तो व्यक्ति उसे पहचानता नहीं है।

इसके बाद वह कई शिकायत करता है। दूसरे चित्र की ओर दिखाते हुए युवक ने कहा कि अच्छा तो इस चित्र के पैरों में पंख क्यों हैं? इसपर दुकानदार ने जवाब दिया कि अगर अवसर का प्रयोग सही समय पर न किया जाए तो यह भाग जाता है या फिर उड़ जाता है।वहीं, पीछे से गंजे सिर के बारे में दुकानदार ने युवक को बताया कि अवसर को सामने से तो पकड़ा जा सकता है लेकिन अगर एक बार अवसर चला गया तो आप उसे पीछे से नहीं पकड़ सकते।

संक्षेप में: अवसर हर व्यक्ति के जीवन में आते ही हैं। कोई भी अवसर छोटा या बड़ा नहीं होता है। यह जरूरी है कि सही समय पर उसे पहचान करें और उसका भरपूर इस्तेमाल करें।