Father’s Day : एक दिन पापा के नाम

आपको हर साल नए-नए खिलौने कौन दिलाता है? कौन आपको घुमाने ले जाता है? कौन है, जो आपकी सारी जरूरतें पूरी करते है, आपको मोबाइल, लैपटॉप और न जाने नई-नई चीजें कौन दिलाता है, आपके पापा ना...!

कहते हैं मां के चरणों में स्वर्ग होता है, मां बिना जीवन अधूरा है लेकिन अगर मां जीवन की सच्चाई है तो पिता जीवन का आधार, मां बिना जीवन अधूरा है तो पिता बिना अस्तित्व अधूरा। फि‍लहाल पूरे विश्व में जून के तीसरे रविवार को फादर्स डे मनाया जाता है। भारत में भी धीरे-धीरे इसका प्रचार-प्रसार बढ़ता जा रहा है।

माना जाता है कि फादर्स डे सर्वप्रथम 19 जून 1910 को वाशिंगटन में मनाया गया। सोनेरा डोड जब नन्ही सी थी, तभी उनकी मां का देहांत हो गया। पिता विलियम स्मार्ट ने सोनेरो के जीवन में मां की कमी नहीं महसूस होने दी और उसे मां का भी प्यार दिया। एक दिन यूं ही सोनेरा के दिल में ख्याल आया कि आखिर एक दिन पिता के नाम क्यों नहीं हो सकता? ....इस तरह 19 जून 1910 को पहली बार फादर्स डे मनाया गया।

मेरी सारी शैतानियों के सच्चे सूरमा मेरे पापा, मेरी सारी गलतियों के जज मेरे पापा , तुम हो तो मैं हूँ मेरे पापा , तुम हँसते हो तभी मेरी हस्ती है मेरे पापा।

कुछ अहसाल ऐसे होते हैं जिनकी बानगी शब्दों में बयां करना बेहद मुश्किल होता है। अगर ये अहसास किसी रिश्ते में बंधे हो तो शब्दों की संख्या इनके लिए हमेशा ही कम पड़ती है। कुछ ऐसा ही रिश्ता है पिता का। पिता हमारे लिए पूरी जिंदगी मेहनत करता है और हमारे सही गलत की सीख देता है। यह रिश्ता उतना ही सरल और निकट है जितनी मां का रिश्ता।

अलग होते हैं बेटियों के पिता

कुछ आदतें नहीं जातीं... बेटी के लिए उनके पिता रिश्ता नहीं, बल्कि आदत हैं जो उम्र के हर दौर में बने रहते हैं। बच्ची के साथ एक्सलेटर पर उलटा चलना हो या वीडियो गेम्स की माथापच्ची हो, बड़ी बेटियों की ससुराल की कहानियां हों या करियरिस्ट बेटी की उपलब्धियां हों, पापा हर क्षण में शामिल होते हैं...।

dadपिता ममत्व की पराकाष्ठा तक पहुंचते हैं, अपने संवेदनशील व्यावहारिक परिवर्तन से वह स्वयं भी अचंभित रह जाते हैं। दरअसल, पिता-बेटी का रिश्ता स्नेह की उत्कर्षता का पर्याय है, जहां पिता अप्रत्यक्ष तौर पर बेटी के मन में 'पुरुष' का चरित्र गढ़ देता है। बेटी भी पिता द्वारा गढ़े और रचे रेखाचित्र को ही हर रिश्ते में पाना चाहती है। बस यही तो है पिता और बेटी का सर्वोच्च संबंध!

फाइर्स डे पर दैनिक अक्षरविश्व द्वारा फोटो कॉन्टेस्ट में सैकड़ों पाठकों ने अपने पिता के साथ बिताए खूबसूरत पलों को फोटो के माध्यम से अक्षरविश्व के साथ शेयर किया.हम इन फोटोस में से कुछ चुनिंदा फोटो शेयर कर रहे है