Review:टाइगर जिंदा है,सलमान की धमाकेदार वापसी

काबुल एक्सप्रेस और न्यूयार्क के बाद 2012 में कबीर खान ने यशराज बैनर के साथ एक फिल्म बनाई थी जिसका नाम था ‘एक था टाइगर’. ये स्पाई थ्रिलर फिल्म थी. इसमें सलमान खान और कटरीना कैफ मुख्य भूमिकाओं में थे. फिल्म में बड़े अच्छे तरीके से रॉ और आईएसआई के बीच इश्क-मोहब्बत को दिखाया गया था. लगभग 5 साल बाद अली अब्बास जफ़र के डायरेक्शन में टाइगर जिंदा है बनाई गई है. यानी एक बार फिर से टाइगर नए मिशन पर निकला है. ये मिशन क्या है, क्या ये कबीर खान की फिल्म से बेहतर है या उससे कमजोर है, क्या अली अब्बास ने एक अच्छी कहानी बनाने की कोशिश की है. ये सब कुछ जानने के लिए आइए फिल्म की समीक्षा पढ़ते हैं.

कहानी 

फिल्म की कहानी एक बार फिर से नए मिशन के साथ शुरू होती है जब भारत की अगवा नर्सों को इराक में रखा जाता है. उनको वहां से निकालने का काम भारत के एजेंट टाइगर को सौंपा जाता है. टाइगर की भूमिका में सलमान खान हैं. उनकी टुकड़ी में अंगद बेदी के साथ साथ बाकी अन्य कलाकार भी हैं. किस तरह से टाइगर के साथी और उनकी महबूबा जोया (टाइगर) जो आईएसआई एजेंट हैं इराक में फंसी हुई नर्सों को वहां से निकालते हैं दिखाया गया है. कहानी में परेश रावल और कुमुद मिश्रा की कैसे एंट्री होती और विलेन के रूप में सज्जाद की किस तरह की मौजूदगी है. अंतत क्या होता है, क्या भारत और पाकिस्तान के एजेंट, मिलकर नर्सों को बचा पाएंगे ये सब कुछ जानने के लिए आपको फिल्म देखनी पड़ेगी.

क्यों देखें 

 फिल्म में एक बहुत ही दिलचस्प बात है कहानी को सुनाने का ढंग. अली अब्बास ने इसका बेहतरीन डायरेक्शन किया है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी बहुत उम्दा है. वो चाहे रेगिस्तान के सीक्वेंस हों या पहाड़ों के सीक्वेंस या फिर पीछा करने वाले सीक्वेंस. कभी सलमान घोड़े पर दिखाई देते हैं. कभी अपने ही अंदाज में दुश्मनों का पीछा करते दिखाई देते हैं. बड़े ही अच्छे अंदाज में इंटरनेशनल लेवल की ये कहानी है जिसका फिल्मांकन बहुत बढ़िया है. सलमान की एक्टिंग काबिलेतारीफ है. हालांकि ट्यूबलाइट में सलमान को ज्यादा पसंद नहीं किया गया था. लेकिन उसके बाद एक तरीके से कह सकते हैं कि सलमान ने बेहतरीन वापसी की है. उम्दा प्रदर्शन.
जानदार एक्टिंग, इमोशन और एक्शन. उनके साथ कटरीना कैफ सब्जी में धनिया की तरह नहीं हैं. उनका भी बेहतरीन काम है. सज्जाद, अंगद बेदी, परेश और गिरीश कर्नाड ने भी बहुत बढ़िया रोल किया है. एक्टिंग के हिसाब से फिल्म काफी अच्छी बन पड़ी है. इसके गाने भी काफी बढ़िया हैं. फिल्म के गाने बहुत अच्छे से फिल्माए हैं अली अब्बास ने. ‘दिल दिया गल्ला’ और ‘स्वैग से करेंगे स्वागत’ लोगों की जुबान पर चढ़े हुए हैं. फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर बहुत बढ़िया है. स्पाई थ्रिलर में एक अच्छी साई फाई फिल्म बनाई गई है.फिल्म में सलमान की एंट्री पर बहुत सारी तालियाँ बजती हैं. फिल्म के संवाद भी बहुत दिलचस्प हैं. कई लिहाज से ये फिल्म देखी जा सकती है.

क्यों न देखें 

फिल्म की कहानी थोड़ी लंबी है. इसे और छोटा किया जा सकता था. बाकी ये मनोरंजक फिल्म है जिसे एक बार जरूर देखें. अगर जासूसी फ़िल्में पसंद नहीं हैं तो इसे देखने न जाए.

फिल्म का बजट 

जहां एक तरफ एक था टाइगर का बजट करीब 70 करोड़ के आसपास था वहीं फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 320 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी. टाइगर जिंदा है का बजट करीब 140-150 करोड़ में बनाया गया है. सलमान ने इसके लिए कोई फीस नहीं ली है. वो शायद प्रॉफिट शेयर कर रहे हैं. इसे 4 हजार से ज्यादा स्क्रीन्स पर रिलीज किया गया है. कोई बड़ी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं है. इसा लिहाज से पहले ही दिन फिल्म 40 करोड़ का कलेक्शन कर सकती है. वीकेंड में 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई हो सकती है. ये अब तक सलमान की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म भी बन सकती है. फिल्म का बिजनेस देखना दिलचस्प होगा.