Happy और सेफ दिवाली के लिए इन 10 बातों का रखें ध्यान

हम सभी चाहते हैं कि हमारा त्योहार खुशियों से भरा हो। फिर चाहे वह होली हो, दिवाली या फिर कोई और त्योहार… लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि त्योहार सिर्फ हमारे लिए ही नहीं बल्कि दूसरों के लिए भी सेफ होना चाहिए। रोशनी का त्योहार दिवाली हम सभी के लिए सेफ हो और हम हैपी दिवाली मना सकें इसके लिए आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

नकली मिठाई की करें पहचान
दिवाली के मौके पर मिठाइयों की डिमांड बढ़ने की वजह से मिलावट का धंधा भी जोरों पर रहता है। ऐसे में बाजार से मिठाई खरीदने से पहले आप उसकी जांच कर यह जान सकते हैं कि यह मिठाई कहीं नकली तो नहीं है। इसके लिए आपको फूड लैब जाने की जरूरत नहीं बल्कि आप घर पर ही टेस्ट कर सकते हैं। इसके लिए टिंचर आयोडीन की 5 बूंदें, मिठाई के थोड़े से टुकड़े पर डालें और इसे गर्म करें। अगर मिठाई नकली होगी तो उसका रंग नीला या काला हो जाएगा।

असली-नकली खोये की पहचान
मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाले खोये की डिमांड भी बढ़ जाती है जिस वजह से नकली और मिलावटी खोये का कारोबार भी फलने-फूलने लगता है। ऐसे में घर पर मिठाई बनाने के लिए खोया या मावा खरीदने से पहले इसकी जांच कर लें कहीं यह नकली तो नहीं है। इसके लिए खोये को उंगलियों में लेकर रगड़ें। अगर उसमें चिकनापन नहीं है, तो समझ जाएं कि वह नकली है।

पटाखों को कहें ना
अगर आपको लगता है कि पटाखे जलाए बिना दिवाली का त्योहार अधूरा है तो आप गलत सोचते हैं। दिवाली रोशनी का त्योहार है और इसे तेज आवाज वाले खतरनाक पटाखे जलाकर इसका मतलब बदलने की जरूरत नहीं है। आप चाहें तो बिना पटाखे जलाए भी दिवाली के त्योहार को खुशियों के साथ मना सकते हैं।

आंख-कान का रखें ध्यान
अगर आप फिर भी पटाखे जलाने के बारे में सोच रहे हों तो कम आवाज और कम धुंए वाला ग्रीन पटाखा ही जलाएं और पटाखे जलाते वक्त अपने आंख-कान का खास ख्याल रखें। नायलॉन के कपड़े पहनकर पटाखे न जलाएं। बच्चों को पटाखों से दूर रखें और उनके कान में कॉटन या ईयर प्लग लगा दें।

जलने पर पानी से धोएं
अगर सावधानी बरतने के बावजूद आंखों में पटाखे की चिंगारी चली जाए तो आंखों को बिल्कुल न रगड़ें। इसकी जगह आंखों को साफ और ठंडे पानी से अच्छी तरह से 10 मिनट तक धोएं और फिर मरीज को तुरंत आई स्पेशलिस्ट के पास लेकर जाएं।

मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल
दिवाली पर अपने घर को सजाने के लिए बिजली की झालर और लाइटें कितनी भी क्यों न लगा दी जाए लेकिन पारंपरिक मिट्टी के दीयों की बात ही अलग है। इस बार दिवाली पर भगवान आगे दीया जलाने के साथ ही घर सजाने के लिए भी मिट्टी के दीयों का ही इस्तेमाल करें। इस तरह से न सिर्फ आप वातावरण की सुरक्षा करेंगे बल्कि उन लोकल कारीगरों की भी मदद कर पाएंगे जो इन दीयों के जरिए ही अपना जीवनयापन करते हैं।

ऑर्गैनिक रंगों से बनाएं रंगोली
दिवाली का त्योहार जिस तरह से दीयों के बिना अधूरा है ठीक उसी तरह से रंगोली के रंगों के बिना भी दिवाली की खुशियां पूरी नहीं होती। घर के फेस्टिव लुक देने के लिए ज्यादातर लोग घर में एक से बढ़कर एक रंगोली बनाते हैं। लेकिन रंगोली बनाते वक्त केमिकल वाले रंगों का इस्तेमाल करने की बजाएऑर्गैनिक कलर्स ही यूज करें। आप चाहें तो सिर्फ फूलों से भी रंगोली बना सकते हैं।

पालतू जानवरों का खास ख्याल
आपकी दिवाली हैपी हो इसके लिए आपको अपने साथ-साथ अपने पेट यानी पालतू जानवर का भी ख्याल रखना चाहिए क्योंकि दिवाली के दौरान होने वाली तेज आवाज जानवरों को डरा देती है। लिहाजा दिवाली के दौरान जानवरों को घर में अकेला न छोड़ें और पटाखों से तो उन्हें बिल्कुल दूर ही रखें।

दूसरों के चेहरों पर लाएं खुशी
दिवाली के दौरान घर की साफ-सफाई करते वक्त आपको ऐसी कई चीजें मिलती होंगी जिनका अब आप इस्तेमाल नहीं करते। फिर चाहे वे आपके पुराने कपड़े हों, खिलौने या फिर किताबें। आप चाहें तो इन पुरानी चीजों को गरीब और जरूरतमंदों के बीच बांटन के साथ ही उन्हें कुछ मिठाइयां और गिफ्ट्स भी बांट सकते हैं ताकि आपके साथ-साथ सुविधा से वंचित उन लोगों की दिवाली भी बन जाए हैपी।

प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें
गिफ्ट्स रैप करना हो या फिर दोस्तों और रिश्तेदारों को गिफ्ट्स बांटने जाना हो…प्लास्टिक बैग्स का इस्तेमाल भूल कर भी न करें। गिफ्ट्स और फूड आइटम्स पैक करने के लिए हैंडमेड पेपर बैग्स का इस्तेमाल करें।