ISI ने रची थी जाधव की मां-पत्नी के अपमान की साजिश

पाकिस्तान की जेल में कैद नेवी के पूर्व अधिकारी कुलभूषण जाधव से मुलाकात के दौरान उनकी पत्नी और मां के साथ हुए बुरे बर्ताव पर देश की संसद से लेकर सड़क तक घमासान मचा है. लेकिन पाकिस्तान की इस नापाक करतूत के पीछे खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) का हाथ होने की बात सामने आ रही है.जाधव के परिवार के अपमान की साजिश आईएसआई ने रची थी जिसके के लिए आतंकी संगठन लश्कर ने ISI की तारीफ भी की है. रावलपिंडी में एक रैली के दौरान लश्कर के को-फाउंडर आमिर हमजा ने कहा कि आईएसआई बहुत तेज है और उसने मुलाकात के दौरान जाधव की पत्नी चितांकुल के जूते तक उतरवा लिए.  हमजा ने आईएसआई की तुलना चीते की आखों से करते हुए कहा कि भारत के निवेदन के बाद पाकिस्तान ने मानवीय आधार पर जाधव के परिवार को मिलने की इजाजत दी और भारत चाहता था कि परिवार आमने-सामने बैठकर जाधव से मिल सके लेकिन ISI ने ये मुमकिन नहीं होने दिया. हमजा ने एजेंसी को जाधव की पत्नी के जूतों में कैमरा मिलने का दावा भी किया है.

वीडियो में आतंकी संगठन जमात उद दावा का चीफ हाफिज सईद, उसका रिश्तेदार हाफिज अब्दुल रहमान मक्की भी हमजा के साथ मंच साझा करते दिख रहे हैं. यही नहीं लियाकत बाग की इस रैली में हाफिज सईद के साथ फिलिस्तीन के राजदूत वलीद अबु अली भी शामिल हुए. भारत ने इसपर कड़ा ऐतराज जताया है.आतंकी हमजा जेयूडी चीफ का सबसे खास माना जाता है.

नजरबंदी से रिहाई के बाद वो पाकिस्तान में अलग-अलग जगहों पर रैलियां कर रहा है. वह जेयूडी और लश्कर के बीच लिंक के तौर पर काम करता है.मुलाकात के दौरान पाकिस्तान के बर्ताव पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को सदन में कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इस मुलाकात को प्रोपेगेंडा बनाया. जाधव की मां सिर्फ साड़ी पहनती हैं, उनके भी कपड़े भी बदलवा दिए गए.

मीडिया को मां और पत्नी के नजदीक आने दिया गया, जो हमारी शर्तों के खिलाफ था. पाकिस्तान जाधव की मां-पत्नी के जूतों के साथ कुछ शरारत कर सकता है. इस मीटिंग में सिर्फ मानवाधिकार के नियमों का उल्लंघन ही हुआ है.इस्लामाबाद में मुलाकात के दौरन सुरक्षा के नाम पर कुलभूषण की पत्नी-मां के मंगलसूत्र, बिंदी, कपड़े तक बदलवाए गए थे. जब भी वो कुलभूषण की मां अपने बेटे से अपनी भाषा मराठी में बात करने की कोशिश करती थी, उन्हें बार-बार टोक दिया जाता था. यहां तक की उनके जूते भी नहीं लौटाए गए.