MP में कैश संकट:इंदौर सहित प्रदेशभर के ज्यादातर ATM खाली,वित्तमंत्री ने की कैश कम निकालने की अपील

इंदौर। प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर सहित प्रदेशभर में इन दिनों अघोषित नोटबंदी है। कैश की ऐसी किल्लत है कि शहर के ज्यादातर एटीएम के बाहर कैश नहीं है का पोस्टर चस्पा कर दिए गए हैं। इंदौर के साथ ही भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम, देवास सहित प्रदेश के ज्यादातर जिले नोट संकट से जूझ रहे हैं। बैंक अधिकारियों से कैश के संबंध में बात करने पर उनका एक ही जवाब है ऊपर से कैश नहीं आ रहा है।

मंगलवार सुबह एटीएम में कैश है या नहीं यह देखने के लिए भास्कर डाॅट कॉम ने सात बैंकों के 10 एटीएम बूथों को चेक किया। इन सभी बैंकों की सभी एटीएम मशीन में पैसे नहीं थे। जिन बैंकों की एटीएम मशीनों को चेक किया गया उनमें एसबीआई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक शामिल है।

इन बैंकों के छत्रीबाग, नर्सिंह बाजार, जवाहर मार्ग, राजवाड़ा, वायएन रोड आदि क्षेत्रों में स्थित एटीएम मशीनों में कैश नहीं था।उधर, मंगलवार को प्रदेश में चल रही कैश की भारी किल्लत को लेकर मप्र के वित्तमंत्री जयंत मलैया ने प्रदेशवासियों ने कैश कम निकलाने की अपील की है। मलैया ने कहा कि आरबीआई से नोट कम मिल रहे हैं। जो नोट मिल रहे हैं वे बढ़े नोट हैं। ऐसे में लोग ज्यादा निकासी से बचें। प्रदेश सरकार आरबीआई और केंद्र सरकार से संपर्क बनाए हुए है।

मलैया ने कहा कि मप्र के पास 15 लाख करोड़ रुपए कैश हैं जिसमें से 7 लाख करोड़ रुपए के नोट 2000 रुपए के हैं इस कारण भी एटीएम में कैश की समस्या आ रही है।शहर के 1800 से ज्यादा एटीएम में हर दिन 100 करोड़ का कैश विड्राॅल होता है। इतनी ही राशि बैंकों को एटीएम में भरने के लिए चाहिए होती है, लेकिन सात दिन से मांग के बदले में केवल एक चौथाई ही नकदी की पूर्ति हो रही है।

शहर के सभी बैंकों को एक दिन में केवल 25 करोड़ का ही कैश आवंटित किया जा रहा है। समस्या यह भी है कि आरबीआई चेस्ट से यह राशि रैंडमली चलती है। एक दिन कुछ बैंकों को तो अगले दिन दूसरे बैंकों को। इसके चलते भी बैंकों को कैश की समस्या आ रही है। मुख्य बाजारों के एटीएम जल्द खाली हो रहे हैं।