रास्ता चाहे कितना भी मुश्किल हो, हमें अपना कर्तव्य नहीं भूलना चाहिए

काफी समय पहले की बात है। एक गांव में एक महात्मा रहते थे। वह एक दिन नदी में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान नदी में उनके पास बिच्छू डूब रहा था। बिच्छू ने तभी महात्मा को डंक मार दिया।महात्मा ने बिच्छू को काफी बचाने की कोशिश की। बिच्छू लगातार उन्हें डंक मार रहा था। बाद में महात्मा ने उसे उठाया और नदी किनारे जमीन पर जाकर रख दिया।यह पूरा दृश्य वहां मौजूद कुछ शिष्य देख रहे थे।

शिष्यों ने यह देखकर महात्मा जी से पूछा कि जब वह बिच्छू आपको बार बार डस रहा था तो आपने उसकी जान क्यों बचाई। इसकी जरूरत क्या थी।यह सुनकर महात्मा ने शिष्यों को जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सभी का कुछ न कुछ काम होता है।

इसी तरह बिच्छू का काम है काटना। वह अपना कर्तव्य नहीं भूला। इसी तरह मेरा कर्तव्य है कि दूसरों की मदद करना। जब बिच्छू अपना कर्तव्य नहीं भूल सकता है तो मैं मनुष्य होकर अपना कर्तव्य कैसे भूल जाऊं?