OMG:क्या सच में 48 घंटों तक बंद रहेगा इंटरनेट?

रूस टूडे की एक रिपोर्ट मे कहा गया है कि 48 घंटों तक पूरी दुनिया में इंटरनेट सेवा बंद रहेगी। इस रिपोर्ट के बाद से इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों के बीच खलबली मच गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इंटरनेट शटडाउन का असर पूरी दुनिया में होगा। इस दौरान इंटरनेट के मुख्य डोमेन सर्वर्स और इससे जुड़े हुए नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर कुछ समय के लिए डाउन हो सकते हैं।

कहा जा रहा है कि इससे इंटरनेट एड्रेस बुक और डोमेन नेम सिस्टम (DNS) को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। अब सवाल यह है कि क्या एक साथ पूरी दुनिया में इंटरनेट का बंद होना संभव है? इस दौरान क्या आपका भी इंटरनेट बंद होगा? इस दौरान कितने लोग प्रभावित होंगे। आइए जानते हैं ऐसे सभी सवालों के जवाब।

कितने लोग हो सकते हैं प्रभावित
इस मेंटेनेंस के कारण पूरी दुनिया के सिर्फ 1 फीसदी यानि करीब 36 मिलियन यानि करीब 3.6 करोड़ लोग प्रभावित होंगे। वैसे तो यह आंकड़ा सिर्फ 1 फीसदी ही है लेकिन 3.6 करोड़ लोग कम नहीं होते हैं। इसका असर भारत में भी होगा।

कौन-कौन से लोग होंगे प्रभावित
इस ग्लोबल मेंटेनेंस के कारण वे लोग प्रभावित होंगे जिनकी इंटरनेट सेवा प्रदाता कंपनियां इनक्रिप्टोग्राफी की बदलने के लिए तैयार नहीं हैं या फिर देर से बदलेंगी।

क्या एक साथ पूरी दुनिया में बंद होगा इंटरनेट
जी नहीं, ऐसा संभव नहीं है कि पूरी दुनिया में एक साथ इंटरनेट को बंद कर दिया जाए, क्योंकि भारत में तो सबसे ज्यादा रेलवे, टेलीकॉम और बैंकिंग सेवा प्रभावित होगी लेकिन विदशों में हॉस्पिटल तक की सेवाएं प्रभावित हो जाएंगी। ऐसे में अरबों का नुकसान होगा।

क्यों किया जा रहा है इंटरनेट बंद
दरअसल यह मेंटेनेंस या दूसरे शब्दों में कहें तो अपडेट इसलिए किया जा रहा है ताकि इंटरनेट को पहले के मुकाबले सुरक्षित बनाया जाए। दावा है कि इनक्रिप्टोग्राफी की अपडेट के बाद डोमेन पहले से अधिक सुरक्षित होंगे।

विशेषज्ञों में है मतभेद
रिपोर्ट में यह भी साफ नहीं है कि कब और कहां इंटरनेट की सेवा बंद होगी और कितनी-कितनी देर के लिए बंद होगी। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि एक साथ भी पूरी दुनिया में इंटरनेट सेवा बंद सकती है, वहीं कुछ विशेषज्ञों का दावा है कि ऐसा संभव ही नहीं है, क्योंकि इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था ठप पड़ जाएगी।