महाकाल सवारी 2017

श्रावण महीना 2017

shravan 2017

महाकाल की सवारी कब-कब..

पहली सवारी 10 जुलाई. 

दूसरी सवारी 17 जुलाई.

तीसरी सवारी 24 जुलाई.

चौथी सवारी 31 जुलाई. 

पाचवीं सवारी 7 अगस्त.

छटी सवारी 14 अगस्त.

प्रमुख शाही सवारी 21 अगस्त.

जानिए क्या है सावन की मान्यता ???

ऐसी मान्यता है कि प्रबोधनी एकादशी (सावन के प्रारंभ) से सृष्टि के पालन कर्ता भगवान विष्णु सारी ज़िम्मेदारियों से मुक्त होकर अपने दिव्य भवन पाताललोक में विश्राम करने के लिए निकल जाते हैं और अपना सारा कार्यभार महादेव को सौंप देते है। भगवान शिव पार्वती के साथ पृथ्वी लोक पर विराजमान रहकर पृथ्वी वासियों के दुःख-दर्द को समझते है एवं उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं, इसलिए सावन का महीना खास होता है।

भस्मारती श्रावण मास के दौरान…

महाकाल मंदिर में प्रतिदिन तड़के 4 बजे होने वाली भस्मारती श्रावण मास के दौरान प्रति सोमवार को रात 2.30 बजे से होगी। परंपरा अनुसार श्रावण शुरू होते ही आरती-पूजा के समय में बदलाव हो जाएगा। यह बदलाव 10 जुलाई से भादौ मास में 21 अगस्त को शाही सवारी निकलने तक रहेगा। भस्मारती 4 बजे की जगह 2.30 बजे पट खुलने के बाद शुरू होगी। श्रावण व भादौ मास में शाही सवारी तक प्रतिदिन भस्मारती रात 3 बजे से होगी। सवारियों के दौरान सोमवार के दिन रोज शाम 5 बजे से होने वाली संध्या पूजा 2.45 से 3 बजेेे के बीच होगी।