Upper Caste Reservation Bill पर बोले केके शर्मा, सामान्‍य वर्ग को थी न्‍याय की प्रतीक्षा

भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता केके शर्मा ने शिक्षा और नौकरियों में सवर्णों को 10 फीसद आरक्षण के कदम को ऐतिहासिक बताया। उन्‍होंने कहा कि आर्थिक रूप से पिछड़े हुए समाज के सामान्‍य वर्ग के लोग न्‍याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।

वे चाहते थे कि उनको भी शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में अवसर उपलब्‍ध हों। इस बात को ध्‍यान में रखते मोदी सरकार ने एक महत्‍वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला लिया है।

दैनिक जागरण से बातचीत के दौरान भाजपा प्रवक्‍ता ने कहा उन्‍होंने कहा, ‘देखिए, आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को जो ये आरक्षण देने का कदम उठाया जा रहा है, वो अमीरों और गरीबों के बीच बनी गहरी खाई को कम करने में मददगार साबित होगा।

आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण गरीबों और अमीरों के बीच खाई काफी गहरी हो गई थी, जिसे अब भरने का काम मोदी सरकार कर रही है।’

उन्‍होंने कहा, ‘जब हमारे संविधान का निर्माण हो रहा था, तब भी आर्थिक आरक्षण की बात आई थी। लेकिन तब बात नहीं बन पाई। इसके बाद जब मंडल आयोग बना, तब उसने भी आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण की बात कही थी।

लेकिन तब भी इसे लागू नहीं किया गया। इसके बाद नरसिम्‍हा राव जब प्रधानमंत्री थे, तब उन्‍होंने भी आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण देने का प्रयास किया था। लेकिन उसको वो लागू नहीं कर पाए। मोदी सरकार ने इस बिल को प्राथमिकता दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए वे जानते हैं कि गरीबी अवसर नहीं देती है।’कांग्रेस का कहना है कि लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सवर्णों को आरक्षण देने वाले बिल को लाने के पीछे भाजपा की मंशा ठीक नहीं है।

इस पर केके शर्मा ने कहा, ‘कांग्रेस हमेशा देश को भ्रमित करने का काम करती रही है। उनकी मंशा कभी गरीबों को लाभ पहुंचाने की नहीं रही है। इंदिरा गांधी ने नारा लगाया था- गरीबी हटाओ। लेकिन गरीबी तो नहीं हटी, गरीबी और बढ़ गई।

‘ केके शर्मा ने कहा कि मोदी सरकार हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास’ का ध्‍येय लेकर चलती है। इसलिए हम जनधन योजना और उज्‍ज्‍वला योजना लेकर आए, जिससे गरीब लोगों को लाभ पहुंच रहा है।

केके शर्मा ने कहा, ‘देखिए, मोदी सरकार गरीबों के कल्‍याण के लिए लगातार योजना लाती रही है। अभी हमारे पास छह महीने और बाकी हैं, इस दौरान कई और योजनाएं लाई जाएंगी। कांग्रेस के पास कहने को कुछ नहीं है। गरीबों को आरक्षण देना कांग्रेस के घोषणापत्र में था, लेकिन इसके बावजूद 10 साल तक गरीबों को आरक्षण देने का बिल नहीं लाया गया।’

ऐसा माना जा रहा है कि तीन विधानसभा चुनाव में सत्‍ता जाने के कारण मोदी सरकार लोकलुभावन योजनाएं लेकर आ रही है। लेकिन केके शर्मा कहते हैं कि विधानसभा चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं। इसलिए ऐसा नहीं कहा जा सकता कि हम राज्‍य में सत्‍ता गंवाने के कारण ये योजनाएं ला रहे हैं।