Friday, May 27, 2022
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अक्षरविश्व अकादमी में आयोजित कार्यशाला में समाजसेवी एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.सलूजा ने कहा…

शिक्षा-स्वास्थ्य और सुरक्षा महिलाओं का मौलिक अधिकार

उज्जैन।ख्यात समाजसेवी एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सतविंदर कौर सलूजा ने अक्षरविश्व अकादमी में आयोजित कार्यशाला को संबोधित किया। सामाजिक सरोकार में महिलाओं की भूमिका विषय पर मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए आपने कहा कि महिलाओं का मौलिक अधिकार है-शिक्षा-स्वास्थ्य और सुरक्षा। यदि महिला स्वस्थ रही तो परिवार एवं समाज भी स्वस्थ रहेगा।

आपने कहा कि उनके यहां ग्रामीण अंचलों से भी प्रसव के लिए महिलाएं आती हैं। उनके साथ परिजन भी होते हैं। शिक्षा के अभाव में उनकी दयनीय स्थिति रहती है। न तो उनका प्रसूता के स्वास्थ्य के प्रति ध्यान रहता है और न ही सुरक्षा के प्रति। महिलाओं से चर्चा करने पर ज्ञात होता है कि वे अपने मौलिक अधिकार भी नहीं जानती हैं। ऐसे में समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है कि वे अंचलों तक महिलाओं, लड़कियों को उनके मौलिक अधिकार की जानकारी दें, ताकि स्वस्थ समाज की रचना अंचलों तक हो सके।

गांवों में आज भी इस बात की आवश्यकता है कि महिलाओं, लड़कियों को खानपान-स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी जाए और लड़कियों को शिक्षित किया जाए। यदि एक लड़की पढ़ती है तो यह मानकर चलें कि एक पूरा परिवार शिक्षित हो रहा है। शहरों की स्थिति पर चर्चा करते हुए कहा कि आज शहरों में लड़कियां शिक्षित रहती हैं, इसलिए वे अपने बच्चों को भी पढ़ाने में रुचि रखती है। यही कारण है कि शहरों में अब लड़का और लड़की को समान रूप से बराबरी पर रखा जाता है। ऐसे अनेक परिवार हैं जहां लड़की ही है, लड़के नहीं। इस बात का माता-पिता को कोई मलाल नहीं है।

अकादमी के प्रशिक्षु पत्रकारों को आपने संबोधित करते हुए कहा कि बगैर टे्रनिंग के पत्रकार नहीं बन सकते। यह प्रसन्नता का विषय है कि आपने प्रशिक्षण के लिए अक्षरविश्व समाचार पत्र को चुना। इस समाचार पत्र की समाज में अपनी पहचान एवं खबरों को लेकर विश्वसनीयता है। उन्होंने कहा कि गलत समाचार पत्रकार की पहचान खत्म कर देते हैं। इसलिए आवश्यक है कि खबरों को पारदर्शी एवं सत्यता के साथ लिखें ताकि समाचार पत्र एवं आप स्वयं, दोनों पहचान कायम रख सकें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता अक्षरविश्व के प्रधान संपादक सुनील जैन ने की। आपने बताया कि अक्षरविश्व अकादमी को प्रारंभ करने का मूल उद्देश्य समाज को सकारात्मक पत्रकारिता की नई सोच देना है। अक्षरविश्व समाचार पत्र के माध्यम से प्रशिक्षु पत्रकार अपनी लेखनी को धार दे रहे हैं। उन्हें एक ही छत के नीचे प्रशिक्षण, लेखन और प्रकाशन की सुविधा मिल रही है। तीन माह के सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से युवा वर्ग रोजगार के नए अवसर तलाश सकता है।

प्रिंट के साथ इलेक्ट्रानिक मीडिया का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। आने वाले समय में न्यूज बुलेटिन भी प्रारंभ होगा, जोकि प्रशिक्षु पत्रकारों को आगे बढऩे के अवसर प्रदान करेगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं अकादमी के इलेक्ट्रानिक मीडिया प्रशिक्षण प्रमुख संदीप वत्स ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षु पत्रकारों को समाजसेवी डॉ. सलूजा से रूबरू होने का मौका मिला। पत्रकारिता रोजगार तो है ही, समाजसेवा का भी एक साधन है। यदि पत्रकार अपनी आजीविका के साथ-साथ समाजोपयोगी लेखन करता है तो मानकर चलें कि उसकी मेहनत कभी खाली नहीं जाएगी।

पारितोषिक वितरण सम्पन्न
इस अवसर पर अक्षरविश्व अकादमी द्वारा शा.कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय(जीडीसी) में आयोजित दीप सजाओ एवं रंगोली बनाओ प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरित किए गए।महाविद्यालय की विजयी प्रतिभागी राखी कौशल, साक्षी कपूर, अंशिका वर्मा और आस्था सक्सेना को दीप सजाओ प्रतियोगिता के लिए तथा साक्षी कपूर, पायल प्रजापत, शिवानी धनक और ओडिया धारा को रंगोली प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। अकादमी निदेशक डॉ.श्रुति जैन ने स्वागत भाषण दिया। संचालन करते हुए उक्त प्रतियोगिता को सम्पन्न कराने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य कनीजवाल एवं प्रो.रंजना वानखेड़े का आभार माना।

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