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आज से विक्रम व्यापार मेला, इलेक्ट्रिक कारों पर पूरा टैक्स माफ, बाकी पर हॉफ

उज्जैन। इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर मेें रविवार शाम से उज्जयिनी विक्रम व्यापार मेला भी शुरू होगा। इसका सबसे बड़ा आकर्षण रोड टैक्स में मिलने वाली 50 प्रतिशत की भारी छूट है। ग्राहकों और डीलरों के बीच इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है। इस छूट से ग्राहकों को वाहन की श्रेणी के आधार पर 30 हजार से लेकर 1.50 लाख तक का सीधा लाभ होगा। जबकि २० लाख तक की इलेक्ट्रिक कारों पर रोड टैक्स पूरा माफ रहेगा। मेले में रोड टैक्स की दरों को बेहद रियायती रखा गया है।

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सामान्यत: 10 लाख रुपये की पेट्रोल कार पर 8 प्रतिशत (80,000) टैक्स लगता था, जो मेले में घटकर मात्र 4 प्रतिशत (40,000) रह गया है। इसी तरह 15 लाख की कार पर 75 हजार और 25 लाख की लग्जरी कार खरीदने पर सीधे 1.50 लाख की सूखी बचत होगी। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 20 लाख रुपये तक के इलेक्ट्रिक वाहनों पर रोड टैक्स पूरी तरह शून्य कर दिया है, जो इस मेले का सबसे बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है।

ऑन-स्पॉट लोन और डिजिटल निगरानी के पुख्ता इंतजाम

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मेला परिसर में खरीदारों की सुविधा के लिए बैंकिंग और फाइनेंस कंपनियों के विशेष काउंटर लगाए गए हैं, जहाँ ऑन-स्पॉट लोन की सुविधा मिलेगी। परिसर में चौपहिया वाहनों के 139 और दोपहिया वाहनों के 36 शोरूमनुमा स्टाल तैयार किए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र को अत्याधुनिक सीसीटीवी नेटवर्क और डिजिटल निगरानी तंत्र से जोड़ा गया है।

लगातार टूट रहे हैं बिक्री के पुराने रिकॉर्ड

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विक्रम व्यापार मेले की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ हर साल वाहनों की बिक्री का ग्राफ बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में 23,705 वाहन बिके थे, वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढक़र 36,223 तक पहुँच गया था। इस वर्ष प्रशासन और व्यापारियों को उम्मीद है कि पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो जाएंगे।

निगम को भूखंड आवंटन से हुई 4 करोड़ की आय

नगर निगम को वाहन शोरूम हेतु भूखंड आवंटन की प्रक्रिया से चार करोड़ रुपये की आय हुई है। मेले में चौपहिया वाहन के 139 भूखंड और टू व्हीलर के 36 भूखंड आवंटि हुए हैं। इसके अलावा बैंकिंग एवं फाइनेंस के 60 भूखंड और कार डेकोर के 2 भूखंड आवंटित हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस बार व्यापारियों का पूरा ध्यान वाहन बाजार पर है, क्योंकि श्रृंगार और सजावटी सामान के स्टालों के बजाय ऑटोमोबाइल सेक्टर में भूखंड लेने की होड़ मची रही। 1000 वर्गफीट के एक भूखंड के लिए सर्वाधिक बोली 8 लाख रुपए तक पहुँची।

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