आत्म-अवलोकन के 21 दिन

शक्ति-संयम-और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने के 9 दिन

(प्रकाश त्रिवेदी के साथ एकांत शब्द यात्रा)- र क्तबीज लौट आया है, चैत्र नवरात्रि के नौ दिन में हम सबके अंदर विराजित आद्य शक्ति को जागृत करना है ताकि हम रक्तबीज रूपी कोरोना का समूल नाश कर सके। उज्जैनवासियों का सौभाग्य है कि हमे शक्तिपीठ मां हरसिद्धि, गढ़कालिका, नगरकोट महारानी, चामुण्डा, भूखी माता का आशीष प्राप्त है।

प्रधानमंत्री ने 21 दिन के लोक डाउन की घोषणा की है, इस इक्कीस दिन में हम क्या करेंगे, कैसी दिनचर्या होगी,अपनी बोरियत को कैसे नियंत्रण में रखेेंगे। इन सभी प्रश्नों का उत्तर हमारे पास ही है, लंबे अरसे बाद हमे परिवार के साथ रहने का अवसर मिल रहा है।
इस समय हम अपने कामकाज-व्यक्तित्व-स्वास्थ्य- संबंधों -अनुबंधों पर आत्म-अवलोकन कर सकते है। शुरुआत परिवार के साथ करे,खूब बातचीत करें, बचपन को याद करें, सफल रहे….. कहां चुके इस बारे में बच्चों को बताए,नई पीढ़ी के साथ सामंजस बनाए,देशी खेल खेले, घर मे उपलब्ध मनोरंजन के साधनों का उपयोग करें। याद करे जब हम गर्मी की छुट्टी में नाना-मामा के घर जाते थे और भीषण गर्मी के सुबह से शाम तक घर मे कैद रहते थे तो कैसे समय काटते थे।

घर में बुजुर्गों को समय दे, उनके साथ संवाद करें और उनके अनुभव सुने। लॉकडाउन अवधि में चैत्र नवरात्रि भी आ रही हैं। घर में यज्ञ-हवन करें, स्वस्ति वाचन करें,शक्ति पाठ करें। 21 दिन अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें ,बच्चों पर ध्यान दें और उनके करियर पर बात करें।

घर की साफ सफाई भी कर सकते है, पुराने कागज़ात तलाश कर सकते है,जरूरी डाक्युमेंट्स का संधारण कर सकते है। इसके अलावा यह भी ध्यान रखे कि आसपास कोई भूखा न रहे किसी को कोई तकलीफ हो तो तत्काल जिम्मेदारों को बताए। यदि हम यह सब कर पाए तो रक्तबीज का समूल नाश तय है। उम्मीद है हम सब रक्तबीज कोरोना को हरा सकेंगे।