Sunday, May 22, 2022
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आर्किटेक्ट पीजी डिग्री से मिलेगा शानदार आधार…

बीते कुछ दशकों में भारत में स्मार्ट सिटी परियोजनाएं हों या रियल एस्टेट के भवनों का निर्माण, आर्किटेक्ट के लिए अच्छे मौके बने हैं। कुछ आंकड़ों के अनुसार, भारत में काउंसिल ऑफ आर्किटेक्ट्स में रजिस्टर्ड 90,000 आर्किटेक्चर फर्म/आर्किटेक्ट हैं, जो स्वतंत्र रूप से या इंजीनियरों, आर्किटेक्ट फर्मों आदि के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस संख्या के बावजूद, एक अन्य अनुमान के अनुसार आर्किटेक्टों की मांग का 20 प्रतिशत के लगभग ही पूरा हो पाता है। यानी इस क्षेत्र में कुशल युवाओं की अभी और जरूरत है। मेक इन इंडिया जैसी पहल से भी दशकों तक भवन निर्माण उद्योग में सरगर्मी छाई रहने की पूरी सम्भावनाएं हैं और इस तरह आर्किटेक्टों के लिए नए मौके भी बनेंगे।

क्या होता है आर्किटेक्चर

वैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए कम संसाधनों में बेहतर से बेहतर और नए-नए डिजाइन की ऊंची-ऊंची इमारतों का निर्माण, शहरों की प्लानिंग, सौंदर्यीकरण आदि, सब आर्किटेक्ट की बनाई संरचनाओं और योजना का नतीजा होता है। आर्किटेक्चर में कई तरह के कार्य, जैसे- मकान, दुकान, शॉपिंग मॉल, सड़क निर्माण, व्यावसायिक इमारत आदि बनाना सिखाया जाता है। एक आर्किटेक्ट की भूमिका निर्माण की संरचना योजना बनाने, उसका डिजाइन तैयार करने और उसका निर्माण कराने में होती है।

नौकरी के अवसर और पद

बीआर्क, बीटेक या बीप्लान किए हुए युवा आर्किटेक्ट के तौर पर नौकरी पा सकते हैं। सरकारी और निजी संगठनों में आर्किटेक्टों की अच्छी डिमांड है। गवर्नमेंट सेक्टर में पुरातत्व विभाग, राष्ट्रीय भवन संगठन, रक्षा मंत्रालय, रेलवे विभाग, आवास और शहरी विकास निगम, लोक निर्माण विभाग में काम करने का मौका मिलता है। आर्किटेक्ट फर्मों, विश्वविद्यालयों, परामर्श कंपनियों आदि में भी रोजगार के अवसर हैं। विदेशों में, विशेष रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दुबई में आकर्षक अवसर मिलते हैं। अनुभव हो जाने पर आप एक वास्तुकला सलाहकार के रूप में भी विभिन्न निर्माण कंपनियों से जुड़ कर काम कर सकते हैं।

कोर्स में प्रवेश की शर्तें

आर्किटेक्चर के बैचलर कोर्स में प्रवेश करने के लिए छात्रों को गणित और अंग्रेजी के साथ 12वीं की परीक्षा कम से कम 50 अंकों के साथ पास होना अनिवार्य होता है। यह पांच साल की अवधि का कोर्स होता है। इसमें प्रवेश के लिए जेईई एडवांस/मेन, नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) जैसी अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षाएं दे सकते हैं। इन्हें उत्तीर्ण करके आप अपने मनपसंद कॉलेज में दाखिला पा सकते हैं। पात्रता के नियम कॉलेज के आधार पर अलग-अलग भी हो सकते हैं। बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर के कोर्स में प्रवेश के लिए कुछ निजी विश्वविद्यालय बीआईआरएसएटी, एसआरएमईई आदि अपनी प्रवेश परीक्षा भी आयोजित करते हैं।

डिप्लोमा इन आर्किटेक्चर का कोर्स दसवीं के बाद भी कर सकते हैं। इसके लिए दसवीं में कम से कम 50 अंक होना आवश्यक है। डिप्लोमा तीन साल का होता है। पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा बहुत से प्राइवेट कॉलेजों में उपलब्ध है, यह एक साल की अवधि का होता है। स्पेशलाइजेशन में प्लानिंग भी चुन सकते हैं। इसमें एन्वाइरनमेंटल प्लानिंग, अर्बन एंड रीजनल प्लानिंग, हाउसिंग, ट्रांसपोर्टेशन प्लानिंग आदि में करियर बना सकते हैं। कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट और इंडस्ट्रियल डिजाइन में भी बहुत स्कोप है। आप मास्टर ऑफ लैंडस्केप आर्किटेक्चर, सस्टेनेबल कोर्स इन आर्किटेक्चर , बेसिक कोर्स ऑफ आर्किटेक्चर ड्राफ्ट्समैन कर सकते हैं। किसी भी कोर्स के बाद काउंसिल ऑफ आर्किटेक्ट्स के साथ रजिस्टर करना होगा। इस तरह आप एक पंजीकृत आर्किटेक्ट बन जाते हैं और खुद का काम भी शुरू कर सकते हैं।

जरूरी कौशल एवं चुनौतियां

आर्किटेक्चर का क्षेत्र कलात्मकता से भरा हुआ है। आधुनिक समय में आपको कंप्यूटर सॉफ्टवेयर्स की अच्छी जानकारी हो। आर्किटेक्चर के लिए अपने क्लाइंट की जरूरत को समझना और उस हिसाब से व्यावहारिक, सुविधाजनक और सुंदर डिजाइन तैयार करना पहली प्राथमिकता होती है।
आर्किटेक्ट को अपने कार्य के लिए कई बार टूर आदि करने पड़ते हैं। इस दौरान जरूरी नहीं कि साइट विजिट में उन्हें बहुत आरामदायक स्थितियां मिलें। उनके काम के घंटों की कोई तय सीमा नहीं होती। यह प्रोजेक्ट के आधार पर होता है, इसीलिए कई बार कई घंटे लगातार काम करना पड़ सकता है। इसका मानसिक तनाव उन्हें अकसर झेलना पड़ सकता है। आमतौर पर यह भी जरूरी नहीं कि जो प्रोजेक्ट आपको दिया जाए, वह आपकी पसंद का ही हो, लेकिन आपको उसे पूरी कार्यक्षमता के साथ अंजाम देना होता है। माना जाता है कि सरकारी नौकरी में इंजीनियरिंग के फील्ड में आर्किटेक्ट को सबसे अच्छा पैकेज मिलता है। किसी फर्म के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, तो इंटर्नशिप के बाद 25 से 30 हजार रुपये महीने से शुरुआत हो सकती है। अनुभव के आधार पर एक लाख रुपए महीना और उससे ज्यादा भी कमा सकते हैं।

एनएटीए प्रवेश परीक्षा

बीआर्क कोर्स में दाखिले के लिए नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) का आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टडीज इन आर्किटेक्चर, पुणे की ओर से किया जाता है। यह काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर, नई दिल्ली की एक इकाई है। किसी भी आर्किटेक्चर कॉलेज में प्रवेश के लिए नाटा या जेईई मेन्स पेपर 2 परीक्षा में उत्तीर्ण होना काउंसिल ऑफ आर्किटेक्चर की ओर से अनिवार्य योग्यता है।

एक्सपर्ट की राय

जरूरी है कि आपको हर कॉन्सेप्ट अच्छे से स्पष्ट हो। हर कार्य को प्लानिंग के तहत करने की आदत हो। स्थायी नौकरी से पहले किसी अच्छे संस्थान से इंटर्नशिप अवश्य करें। बेहतर भविष्य के लिए इसमें पोस्ट-ग्रेजुएशन कर लेना ही सही है। इससे आपकी न केवल विशेषज्ञता बढ़ेगी, बल्कि अवसर भी आपको ज्यादा मिलेंगे, क्योंकि इस क्षेत्र में काम आपकी विशेषज्ञता और स्किल पर बहुत अधिक निर्भर करता है। इसलिए खुद को अपने करियर फील्ड से अपडेट रखें।

कुछ प्रमुख संस्थान

  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मुंबई
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली एवं अन्य एनआईटी
  • पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
  • स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली
  • गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, लखनऊ
  • गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, त्रिचूर
  • गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली
  • सर जेजे कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, मुंबई
  • चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर, चंडीगढ़
  • शारदा यूनिवर्सिटी, ग्रेटर नोएडा
  • एसआरएम यूनिवर्सिटी, चेन्नई
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