आर्टिफिशियल:इंटेलिजेंस नौकरियों के अवसर

कुछ साल पहले तक कुछ ऐसे खेल थे, जिसमें इंसानों को हरा पाना कंप्यूटर के लिए नामुमकिन समझा जाता था। लेकिन ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक ने मशीनों के लिए जटिल निर्णयों को समझना मुमकिन बना दिया है। इस तकनीक ने पांव पसारे हैं तो इसके विशेषज्ञों की भी जरूरत पड़ेगी ही।

इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट युवाओं को यह विशेषज्ञताक्षेत्र नईसंभावनाएं दे रहा है। परंपरागत इंजीनियरिंग क्षेत्रों की अपेक्षा इस क्षेत्र में प्रतियोगिता अभी कम है।

क्या हो शैक्षिक योग्यता– कंप्यूटर और गणित की आधारभूत शिक्षा प्राप्त छात्र एआई में कॅरियर बना सकते हैं। कंप्यूटर साइंस से ग्रेजुएट उम्मीदवार भी इस क्षेत्र में कदम रख सकते हैं। इसके लिए बीएससी (कंप्यूटर साइंस) के साथ एआई में विशेषज्ञता कोर्स को चुनना ठीक रहेगा। इंजीनियरिंग के छात्र एआई में विशेषज्ञता अर्जित कर आगे बढ़ सकते हैं।

मास्टर स्तर पर एआईके कोर्सआईआईटी मुंबई, मद्रास यूनिवर्सिटी व कुछ अन्य बड़े संस्थानों में उपलब्ध हैं। एआई से संबंधित पाठ्यक्रमों के लिए आईआईआईटी, इलाहाबाद; बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, रांची; इग्नू का भी रुख कर सकते हैं।

 इन पदों पर रोजगार– एआई तकनीक के माहिर लोगों को शुरुआती स्तर पर सॉफ्टवेयर एनालेटिक्स, रोबोटिक्स प्रोग्रामर्स, एल्गोरिद्म स्पेशलिस्ट, गेमिंग क्षेत्र में प्रोग्रामर्स, सर्च इंजन में एनालेटिक्स जैसे पदों पर नौकरी मिल सकती है। जानकार उम्मीदवारों को शोध-संस्थानों, ऑटोमोबाइल्स, इंडस्ट्रियल टूल्स व निजी क्षेत्र में नौकरियां मिलने की उम्मीद रहती है।

इसके अलावा निवेश बढ़ा रहा रोजगार– गूगल, फेसबुक और लिंक्डइन जैसी तकनीकी क्षेत्र की अग्रणी कंपनियां एआई तकनीक में निवेश कर रही हैं और लोगों को रोजगार के अवसर दे रही हैं। स्मार्टफोन की तर्ज पर अब एआई तकनीक को हरेक उपकरण के साथ लाने की कोशिश की जा रही है।

फोरेस्टर रिसर्च की एक रिपोर्ट कहती है कि साल 2020 तक एआई तकनीक का मौजूदा बाजार तीन गुणा बढ़ कर सालाना 1.2 खरब डॉलर का हो जाएगा। हरेक क्षेत्र में एआई का उपयोग बढ़ रहा है,जो इस तकनीक के जानकार उम्मीदवारों के लिए अच्छा संकेत है।.

5 बड़े क्षेत्रों में बढ़ेंगी नौकरियां– फिक्की और नैसकॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार एआई की वजह से भारत के 5 प्रमुख औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में तकनीकी विस्तार को बढ़ावा मिलेगा। एआई की वजह से आईटी, रिटेल, फाइनेंस, टेक्सटाइल और ऑटो सेक्टर में बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगी।

एक आम धारणा है कि एआईसे कर्मचारियों की जरूरत कम हो जाएगी, लेकिन विशेषज्ञों की राय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रयोग से ऐसे लोगों की जरूरत भी बढ़ेगी, जो इन मशीनों को संभाल सकें और उनका निर्माण भी कर सके।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस– आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वह तकनीक है, जिसमें एक कंप्यूटर प्रोग्राम दिए जा रहे निर्देशों को समझने के बाद उन्हें संरक्षित करता है और उनके आधार पर भविष्य की जरूरतों को समझते हुए निर्णय देता है। एआई ने मशीनों के बीच संवाद को भी मुमकिन बना दिया है।

असल में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने रोबोटिक्स की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। रोबोट में अब इस तकनीक के चलते नया सीखने की क्षमता आ गई है। अब वह बहुत से काम करने का निर्णय खुद भी ले सकता है।