इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा करेगा विस्तार, छह संतों को सौंपी जिम्मेदारी

जूना अखाड़ा के साथ करेगा किन्नर अखाड़ा शाही स्नान, दो दिनी बैठक का नृत्य से समापन
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उज्जैन। इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े का विस्तार किया जाएगा। छह संतों को विस्तार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब हर कुंभ-सिंहस्थ में किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ ही मिलकर स्नान करेगा। इसी के साथ जूना में अब अखाड़ों की संख्या बढक़र चार (जूना, आव्हान, अग्नि और किन्नर) हो जाएगी। इंटरनेशनल किन्नर अखाड़े की दो दिवसीय बैठक कई फैसलों के साथ शनिवार शाम समाप्त हो गई।
देश के साथ विदेश से भी आए किन्नर संत-महंत उज्जैन से रवाना हो गए। शिवांजलि गार्डन में अंतिम दिन उल्लास का वातावरण रहा। आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मीनारायण त्रिपाठी ने बताया कि मीटिंग में देश के साथ अमेरिका, बैंकॉक से भी किन्नर संत पहुंचे।
कंठी देकर नए चेले बनाए गए। अखाड़े के विस्तार और संगठन को मजबूती देने की जिम्मेदारी छह संत नासिक की पायलनंद गिरि, उज्जैन की राधिकानंदगिरि, पवित्रानंदगिरि, शिवलक्ष्मीनंद गिरि, कनकेश्वरी गिरि और मयूरीनंद गिरि को सौंपी गई है। बैठक का समापन नृत्य प्रस्तुति से हुआ।
यह फैसले भी हुए
किन्नर अखाड़े के संत-महंत, महामंडलेश्वर प्रयागराज, हरिद्वार की तरह उज्जैन में भी जूना अखाड़ा के साथ ही स्नान करेंगे। सिंहस्थ २०१६ में किन्नर संतों ने गंधर्व घाट पर स्नान किया था, जबकि जूना के संतों ने दत्त अखाड़ा घाट पर।
किन्नर अखाड़े का विस्तार किया जाएगा। नए श्रीमहंत, महामंडलेश्वर इस दिशा में प्रयास करेंगे।









