इंदौर में मिले कोरोना मरीजों के घर सील

इंदौर में मिले कोरोना मरीजों के घर सील

परिजनों को 14 दिन के लिए आईसोलेशन सेंटर में भेजा
कोई भी मरीज विदेश नहीं गया मतलब शहर में पैहल रहा है कोरोना

इंदौर । इंदौर में कोरोना के 5 मरीज मिले है। इनमें चार इंदौर के ही रहने वाले है जबकि एक उज्जैन की महिला है। सभी का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज जारी है। इधर कोरोना पाजिटिव सभी मरीजों के परिवार वालों को आईसोलेशन सेंटर भेज दिया गया है ।और उनके मकान सील कर दिया गया है।

प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि ये मरीज पिछले कुछ दिनों में किन-किन लोगों से मिले है उन सभी के लिए भी एहतियात कदम उठाने की तैयारी में है। इधर बड़ी बात यह सामने आई है कि जितने भी कोरोना मरीज सामने आए है कोई भी विदेश नहीं गया है।

इसका मतलब है कि प्रदेश और इंदौर में कोरोना ने दस्तक दे दी है। अब यह बेहद जरूरी हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की २१ दिन की सोशल डिस्टेंस वाली अपील का कड़ाई से पालन किया जाए।

कलेक्टर लोकेश जाटव ने इंदौर में ५ कोरोना मरीज मिलने की पुष्टि की। इन मरीजों में दो भाई है जो पिछले दिनों तीर्थ यात्रा पर राजस्थान की ओर गए थे। एक युवक रानीपुरा क्षेत्र का है, वहीं एक महिला चंदननगर क्षेत्र की है जो धार गई थी। जबकि ५वीं महिला उज्जैन की है जिसका उज्जैन के सरकारी अस्पताल में इलाज चल रहा था उसे एमवाय में भर्ती किया है। बाकी चार मरीजों को बाम्बे अस्पताल और अरिहंत अस्पताल में भर्ती किया गया है। कल देर रात कोरोेना पाजिटिव मरीजों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को मिली तो हड़वंâप मच गया।

सुबह ५ बजे तक कलेक्टर-कमिश्नर अस्पताल में रहे मौजूद

रात को जैसे ही पाजिटिव रिपोर्ट की बात सामने आई वैसे ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया सहित कलेक्टर लोकेश जाटव, कमिश्नर आकाश त्रिपाठी और अन्य अधिकारी उन अस्पतालों में पहुंचे जहां कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। सुबह तक अफसर इन लोगों की यह हिस्ट्री जानने में लगे रहे कि आखिर कोरोना वायरस की चपेट में यह लोग कहां और वैâसे आए। साथ ही पिछले कुछ दिनों में इन लोगों का और किन-किन लोगों से संपर्वâ हुआ। सूत्रों की माने तो कोरोना पाजिटिव दो भाई तीर्थ यात्रा पर राजस्थान की ओर गए थे। रानीपुरा का युवक इंदौर से कही गया ही नहीं, जबकि चंदननगर वाली महिला के धार जाने की बात सामने आई है।

परिवार वालों को भेजा आईसोलेशन सेंटर
रात में ही प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए कोरोना मरीज के परिवार वालों और इनके संपर्वâ में पिछले दिनों में आए लोगों की पहचान करते हुए १४ दिन के लिए आईसोलेशन सेंटर भेज दिया गया है। मरीज के परिवार वालों से संपर्वâ करने की कोशिश की गई तो सभी के मोबाइल बंद मिले। इधर पुलिस और प्रशासन ने कोरोना मरीजों के घरों को भी सील कर दिया है। आज सुबह डॉ. जडिया के निर्देश पर जिला अस्पताल से जरूरी दवाइयों की खेप बाम्बे अस्पताल, अरिहंत अस्पताल और एमवाय में भेजी भी गई है।

इंदौर से बाहर नहीं गया फिर भी हो गया कोरोना संक्रमित
जिन ५ लोगों में कोरोना वायरस होने की पुष्टि हुई है उनमें एक के बारे में तो पता लगा है कि वह पिछले कुछ दिनों में इंदौर से बाहर ही नहीं गया है। अभी तक तो यह संभावना थी कि जो लोग विदेश गए है या जो विदेश से आए है वहीं कोरोना पाजिटिव हो सकते है।

लेकिन शहर को छोड़े बिना युवक का कोरोना पाजेटिव होना इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि शहर में कोरोना घूम रहा है और कब किसके संपर्वâ में आकर यह वायरस उस व्यक्ति को लग जाए कहना मुश्किल है। इसलिए अब यह बेहद जरूरी हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा की गई अपील और उनकी चिंता को गंभीरता के साथ आमजन मानस समझे और कोरोना को हराने के लिए की गई सोशल डिस्टेंस की अपील को आत्मसात करते हुए घर के बाहर लक्ष्मण रेखा खींचते हुए खुद को घरों में वैâद कर ले, नहीं तो हालात क्या होंगे कुछ भी नहीं कहा जा सकता।