Sunday, May 15, 2022
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उज्जैन:ओए ये नीले दुपट्टे वाली मेरी है

महाकाल थाने से चंद कदम की दूरी पर महिला दर्शनार्थियों से ऐसा व्यवहार…

आपित्तजनक टीका टिप्पणी से श्रद्धालु शर्मसार

टीआई का बयान…सुना तो मैंने भी है…

छुट्टी से लौटुंगा तब देखेंगे, लेकिन जब तक शिकायत नहीं तब तक कार्रवाई नहीं

उज्जैन।ज्योर्तिलिंग महाकाल मंदिर के बाहर भिक्षुक और मांगने वालों से तो श्रद्धालु त्रस्त है। एक ऐसी भी हरकत होती है,जिससे आम श्रद्धालु खासकर महिला और युवतियों को शर्मसार होना पड़ता हैं। पुलिस है कि शिकायतकर्ता नहीं होने से मंदिर परिसर के बाहर अभद्रता और आपत्तिजनक कमेंट्स करने वालों पर कार्रवाई नहीं करती हैं।

रंगीन टोपी, लंबे बाल, आंखों में सूरमा और मुंह में गुटखा फसाकर हाथों में फूल प्रसाद की टोकरियां लेने के बाद शुरू होता है मजनुओं का खेल। यह नजारा महाकाल मंदिर से हरसिद्धि तक हर 20 कदम की दूरी पर देखा जा सकता है।

इन मजनुओं की खास बात यह है कि दूर से आ रहे श्रद्धालुओं में शामिल महिलाओं और युवतियों को अलग ही अंदाज में संबोधित करते हैं, जिसे सामान्य लोग समझ नहीं पाते यहां तक कि पुलिस भी इनसे अनजान बनी है।

थाने से कुछ कदम दूर महाकाल चौराहे पर खड़े युवकों की टोली जो सामने से आ रहे श्रद्धालुओं में शामिल महिलाओं और युवतियों को कोडवर्ड में संबोधित कर रही है। ओये ये नीले दुपट्टे वाली मेरी है… इसको मैं सामान दूंगा तो दूसरा युवक कहता है ये लाल साड़ी वाली अंटी मेरी है इनको मैं सेट कर लूंगा तभी गुटखा थूकते हुए तीसरा युवक कहता है सुबह से मेरी बोवनी नहीं हुई यार तू हट मैं मुझे भी एक आयटम सेट करने दें।

यह युवक अमर्यादित और अपशब्दों का प्रयोग करते है। 24 घंटे महाकाल चौराहे से हरसिद्धि चौराहे तक महाकाल थाने के सीएसपी से लेकर आरक्षक आवागमन करते हैं लेकिन इन्हें ये मनचले नजर नहीं आते हैं। शिकायत मिलने पर पुलिसकर्मी एक-दो युवकों को थाने में लाकर बैठाते और परिजनों के दबाव में फिर छोड़ देते हैं।

मर्डर और चाकूबाजी की घटना हो चुकी है

महाकाल मंदिर में देश भर के लोग दर्शनों को प्रतिदिन आते हैं। श्रद्धालुओं से अभद्रता, गाली गलौज को लेकर मर्डर के साथ कई बार चाकूबाजी और मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस कुछ समय अभियान चलाकर कार्रवाई के बाद सब भूल जाती है इसी का फायदा उठाकर गुण्डे बदमाश मंदिर क्षेत्र में बार-बार सक्रिय हो जाते हैं।

कोई रिकार्ड नहीं
पूर्व कलेक्टर मनीष सिंह के आदेश पर महाकाल मंदिर के आसपास स्थित दुकानों, होटलों, उसके संचालकों, काम करने वाले कर्मचारियों के नाम, पते, मोबाइल नंबर का डाटा महाकाल थाने में संधारित किया गया था। उस समय पुलिस के पास महाकाल से लेकर रामघाट तक काम करने वाले लोगों की जानकारी थी लेकिन वर्तमान में पुलिस के पास ऐसी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। बता दें कि उस वक्त पुलिस ने सख्त कार्रवाई करने के साथ ही दुकानदारों से उनके वहां काम करने वाले लड़कों की जानकारी थाने में जमा करने को कहा था।

मामले तो आते है पर कोई इनकी शिकायत नहीं करता
मंदिर दर्शन करने आने वाली महिलाओं, युवतियों के साथ युवक अभद्रता और छेड़छाड़ करते हैं ऐसा सुना तो है लेकिन अभी तक किसी ने थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई। मंदिर के आसपास संदिग्धों को तलाश कर कार्रवाई की जायेगी।

मुनेन्द्र गौतम, प्रभारी, थाना महाकाल

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