Sunday, May 15, 2022
Homeउज्जैनउज्जैन:जीडीसी प्रोफसर, पत्नी व दो बेटियां कोरोना संक्रमित

उज्जैन:जीडीसी प्रोफसर, पत्नी व दो बेटियां कोरोना संक्रमित

दो मरीज स्वस्थ, 13 का इलाज जारी,

वैक्सीनेशन के बाद भी कोरोना संक्रमण, सर्तकता जरूरी

उज्जैन। कोरोना संक्रमण एक बार फिर तेजी दिखाने लगा है। शहर में कोविड के पांच नए मामले सामने आए हैं। इसमें जीडीसी कॉलेज के प्रोफेसर उनकी पत्नी व दो बेटियां संक्रमित पाए गए हैं। इन्हें मिलाकर बीते 17 दिनों में संक्रमितों की संख्या १५ हो गई है। इनमें से दो मरीज ठीक हो चुके हैं और शेष 13 का इलाज जारी है।

कोविड की शुक्रवार रात को आई जांच रिपोर्ट में पांच नए मरीजों की पुष्टि हुई। इंदौर रोड अभिषेक नगर में रहने वाले जीडीसी कॉलेज के प्रोफेसर शुक्रवार सुबह संक्रमित मिले थे। इसके बाद उनकी पत्नी व दो बेटियों की भी जांच करवाई गई थी। इस पर वह भी पॉजिटिव पाए गए। चारों को उपचार के लिए माधवनगर अस्पताल में भर्ती किया गया है। इसके अलावा मक्सी रोड निवासी एक युवक भी पॉजिटिव आया है। युवक आर्मी में हवलदार के पद पर है। तीन दिन पहले ही वह छुट्टियों पर उज्जैन आया था। कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. रौनक एलची के अनुसार 8 दिसंबर से अब तक मिले 15 संक्रमित मरीजों को कोरोना के टीके के दोनों डोज लगाए जा चुके थे। एक भी मरीज की हालत गंभीर नहीं हुई है। सभी मरीजों के जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच के लिए नमूनों को दिल्ली भेजा गया है। अब तक उनकी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। सभी मरीज पहली बार संक्रमित हुुए हैं।

जीनोम सिक्वेंसिंग की सुविधा नहीं
शहर में अभी तक सामने आए कारोना मरीजों की जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट नहीं आई, इसलिए ओमिक्रॉन की पुष्टि नहीं। इस बीच कोरोना के बढ़ते केस के बीच सवाल यह है कि उज्जैन में ओमिक्रॉन है… या नहीं? इस सवाल का जवाब जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट से मिलेगा, जो कि अब तक नहीं मिली है। उज्जैन शहर में 17 दिन में 15 पॉजिटिव सामने आए है। सभी के सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हंै। इनमें से किसी भी सैंपल रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। इधर, जीनोम सिक्वेंसिंग की रिपोर्ट में अभी लंबा समय लग सकता है, क्योंकि प्रदेश के अन्य शहरों में इस रिपोर्ट के लिए 20 दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।

अब तक 19 हजार से ज्यादा मरीज
बता दें कि जिले में मार्च 2020 में कोरोना का पहला मरीज मिला था। अब तक 19 हजार 114 कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। इनमें से 18 हजार 933 मरीज ठीक हो चुके हैं। इनमें से 171 लोगों की मौत हो गई है। दूसरी लहर के बाद जून-जुलाई से मरीजों की संख्या कम होती गई। बीते कुछ महीनों से इक्का-दुक्का मरीज ही मिल रहे थे। इसके बाद दिसंबर में एक बार फिर नए मरीज बढऩे लगे।

जरूर पढ़ें

मोस्ट पॉपुलर