Wednesday, May 18, 2022
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उज्जैन:डेंगू के टेस्ट के लिए कोरोनाकाल जैसी वसूली जारी

मरीजों के परिजनों ने कहा- डॉक्टर जो लिखकर भेजते हैं वहीं जांच करते है…

उज्जैन।शहर में डेंगू के मरीजों के ब्लड टेस्ट को लेकर वैसी ही विसंगति सामने आ रही है, जिस प्रकार से कोरोनाकाल में थी। मरीज जब डॉक्टर द्वारा बताई गई पैथालॉजी लेब पर टेस्ट करवाने जाता है तो चौंक जाता है। किसी लेब पर कम रुपए लिए जा रहे हैं तो किसी पर अधिक। मरीज यह नहीं समझ पाता है कि जांच तो डेंगू है या नहीं? इस बात की है। फिर रेट में इतना अंतर कैसे?

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आमतौर पर यह हो रहा है कि प्रायवेट हॉस्पिटल में या प्रायवेट क्लीनिक पर डॉक्टर जब मरीज को देखते हैं तो वे पैथालॉजी जांच के लिए उनकी पूर्व से तय लेब पर ही मरीज को भेजते हैं। मरीज यदि अन्य जगह से जांच करवा लाता है तो डॉक्टर मरीज को डपटते भी हैं तथा यह भी कह देते हैं कि जो मैं चाहता था, वह इसमें नहीं है। अब क्या करूं इस रिपोर्ट का ? यही कारण है कि सामान्यतया मरीज उसी लेब पर जाता है,जहां डॉक्टर द्वारा बताया जाता है।

मांग: कोरोनाकाल की तर्ज पर एक जैसे रेट करवाओ

मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या तथा लेब्स पर बढ़ रही भीड़ के बीच से यह मांग उठ रही है कि जिस प्रकार कोरोनकाल में आरटीपीसीआर एवं एंटीजन टेस्ट की दर तय हुई थी,उसी प्रकार डेंगू टेस्ट के लिए भी जांच दर तय हो। इस संबंध में सीएमएचओ डॉ.संजय शर्मा से चर्चा करना चाही, लेकिन उन्होंने मोबाइल फोन नहीं उठाया। पूर्व सीएमएचओ डॉ.महावीर खण्डेलवाल ने कहा कि सीएमएचओ को कलेक्टर को अवगत करवाना चाहिए, ताकि कलेक्टर रेट तय कर सके। कोरोनाकाल में मैंनेे कलेक्टर को वस्तुस्थिति बताई थी, तब उन्होंने दर तय कर दी थी। उसका सीधा लाभ लोगों को मिला था।

यहां हो रही परेशानी

मरीजों के परिजनों का कहना है कि वे जांच करवाकर आते हैं और अन्य परिचितों से चर्चा करते हैं तो पता चलता है कि वे ठगा (?) गए। दूसरी जगह 500 लग रहे थे। हम तो 2600 दे आए। इसे लेकर जब डॉक्टर्स से चर्चा की गई तो उनके मत अलग आए। वहीं पैथालॉजी लेब पर चर्चा की गई तो जांच अनुसार रेट अलग-अलग थे। हालांकि उनका स्पष्टीकरण था कि हम कुछ नहीं करते। डॉक्टर जो लिखकर भेजते हैं,वही जांच करते हैं। उसी का भुगतान लेते हैं।

इनका कहना है

इस संबंध में चर्चा करने पर डॉ.विक्रम रघुवंशी, डॉ.एच पी सोनानिया, डॉ.शशांक रावत ने बताया कि मरीज की सबसे पहले डेंगू की पुष्टी का टेस्ट करवाना चाहिए। सामान्यता सिविल हॉस्पिटल में ऐसा ही होता है। लेकिन यह भी साफ है कि प्रायवेट हॉस्पिटल्स में डॉक्टर्स द्वारा मरीज का डेंगू पॉजिटिव के अलावा अन्य बातें जानने के लिए अलग टेस्ट करवाया जाता है। ताकि डेंगू पॉजिटिव या निगेटिव आने पर ब्लड में अन्य स्थितियों को देखकर वैसा उपचार दिया जा सके। वे इस बात का जवाब नहीं दे सके कि जिला अस्पताल की चरक लेब में अन्य टेस्ट न करवाते हुए केवल डेंगू पॉजिटिव का ही टेस्ट क्यों करवाया जाता है?

यह रेट है इस समय

शहर की लेब्स पर

एलाइजा टेस्ट के 700 से 1000 रुपए तक।

एंटीजन टेस्ट के 500 से 900 रुपए तक।

एनएस-1,एंटीजन के 1200 रुपए तक।

पीसीआर टेस्ट के 2600 रुपए ।

यह कहना है लेब संचालकों का

फ्रीगंज स्थित तीन चर्चित लेब पर जब ग्राहक बनकर चर्चा की गई और रेट के अंतर को लेकर प्रश्न किए गए तो उन्होंने कहा कि- डेंगू पॉजिटिव है या निगेटिव, यह सभी जांचों में आता है। केवल डेंगू पॉजिटिव की जांच करवाने पर मात्र 500 रुपए में काम हो जाता है।

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