Tuesday, May 17, 2022
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उज्जैन:पुलिसकर्मी का पुत्र सफदर जब स्टूडेंट था, तब ही चल पड़ा था आतंक की राह पर

उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील से निकलकर जुड़ गया राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से…

भोपाल की केंद्रीय जेल में बंद है सफदर नागौरी

उज्जैन।अहमदाबाद बम ब्लास्ट-2008 मामले में 38 आतंकियों को फांसी की सजा सुनाई गई है। इनमें से सिमी (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के 6 आतंकी भोपाल की केंद्रीय जेल में बंद हैं।

इनमें ब्लास्ट का मास्टरमाइंड सफदर नागौरी भी शामिल है। एक पुलिसकर्मी का पुत्र सफदर जब स्टूडेंट था,तब ही से आतंक की राह पर चल पड़ा था। उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील से निकल कर राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से जुड़ गया।

अहमदाबाद बम ब्लास्ट-2008 में फांसी की सजा पाने वाले 6 आतंकी सफदर नागौरी, शिवली, शादुली, आमिल परवेज, कमरुद्दीन नागौरी, हाफिज अंसाब हैं। इनमें से सफदर,आमिल और कमरुद्दीन उज्जैन जिले के रहने वाले हैं। सिमी आतंकी सफदर नागौरी छात्र जीवन से ही आतंक की राह पर चल निकला था।

उज्जैन जिले के महिदपुर के निवासी सफदर नागौरी ने विक्रम विश्वविद्यालय की सतत् शिक्षा अध्ययनशाला में 1998 में दाखिला लिया था। 1998 में ही उसने प्रोजेक्ट वर्क दिया- तिहाड़ आश्रम में विपश्यना का प्रयोग। इसी साल उसने सेमीनार प्रस्तुत किया जिसका विषय था- अस्पृश्यता का देश घातक। 1999 में उसने प्रोजेक्ट वर्क प्रस्तुत किया जिसका विषय था- सार्वजनिक संस्थाओं का जनसंपर्क।

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2000 में फाइनल ईयर में उसे प्रोजेक्ट वर्क के लिए विषय दिया गया था- उर्दू पत्रकारिता का आयाम। सफदर ने बाद में विषय बदलकर ज्वलंत कश्मीर समस्या पर लिखा- बर्फ की आग कैसे बुझे। यह प्रोजेक्ट वर्क चार खंडों में लिखा गया- कश्मीर ट्रेजडी, धरती का स्वर्ग:कल और आज, विवादित बिंदू :कुछ तथ्य तथा ऐसे बुझेगी बर्फ की आग। इसमें सफदर ने लिखा- लोकतंत्र का अर्थ बहुमत की तानाशाही नहीं है। कश्मीर का फैसला कश्मीरी ही करें।

उन्हेल का निवासी है, आमिल के घर सन्नाटा

मामले का एक ओर आरोपी आमिल परवेज उन्हेल का रहने वाला हैं। उसके बड़े भाई कामिल परिवार से संबंध नहीं रखते, अलग रहते हैं। सबसे छोटा आदिल खेती करता है। दूसरा भाई जादिल भी है। बहन हीना इंदौर में रहती है।

आमिल परवेज गोधरा कांड का आरोपी भी है। आमिल परवेज पर राष्ट्रद्रोह के कई मामले दर्ज हैं। इंदौर के खजराना में भी आमिल पर मामले दर्ज हैं। आमिल परवेज पर यह भी आरोप रहा है कि उसने उन्हेेल में अपने खेत पर सिमी का ट्रेनिंग कैंप भी चलाया है।

पिता ने तोड दिया था रिश्ता: लभगभ पांच साल पहले एक मामले में सफदर को सजा होने के बाद उस वक्त पिता ने कहा था उससे मेरा कोई रिश्ता नहीं हैं। बताते है कि पिता जहीरउद्दीन नागौरी सफदर को न केवल अपनी संपत्ति से बेदखल कर चुके हैं बल्कि सारे रिश्ते भी तोड़ चुके हैं।

धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में हो चुकी है सजा
उज्जैन जिला न्यायलय ने प्रतिबंधित संगठन सिमी के सरगना आतंकी नागौरी और उसके साथी मोहम्मद मुनीर को धार्मिक भावना भड़काने के आरोप में 2019 को 3-3 साल की सजा सुनाई थी। उज्जैन के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अफजल खान ने शनिवार को धारा 153 में इन दोनों आतंकियों को दोषी करार दिया। अभियोजन के अनुसार 5 नवंबर 1998 को तोपखाना में धार्मिक भावना भड़काने वाले भाषण देने पर महाकाल थाना पुलिस ने सफदर नागौरी, मुनीर और सैयद सलाउद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

पढ़ाई के दौरान सिमी से संपर्क
सफदर महिदपुर में किराने की दुकान चलाता था और एक उर्दू साप्ताहिक अखबार के लिए रिपोर्टिंग भी करता था। पढ़ाई के लिए वह उज्जैन आया। सफदर जब पढ़ाई कर रहा था तभी स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया अर्थात सिमी का उज्जैन में भी गठन किया गया। 1997 में ही सफदर सिमी के संपर्क में आ गया था।

उसने शहर के कुछ युवा छात्रों को जोड़ कर गतिविधियां शुरू कर दी थी। महाकाल थाने में 12 दिसंबर 1997 को सफदर और खालिद नईम के खिलाफ भड़काऊ पोस्टर लगाने के मामले में प्रकरण दर्ज हुआ था। उसके बाद महिदपुर, इंदौर, खंडवा सहित अन्य पुलिस थानों में एफआईआर हुई। मुंबई बम कांड के बाद सफदर और उसके साथियों के कारण सिमी को लेकर उज्जैन सुर्खियों में आया। 2006 में पुलिस ने सफदर और उसके साथियों द्वारा उज्जैन जिले में मीटिंग करने का खुलासा किया था।

इंदौर में आजीवन कारावास की सजा
27 फरवरी 2017 को, इंदौर की एक अदालत ने सफदर नागोरी को अवैध हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक रखने और आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

सफदर नागोरी को 26 मार्च 2008 को इंदौर के संयोगितागंज में एक फ्लैट से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ऑपरेशन में उनके भाई कमरुद्दीन नागोरी सहित दस अन्य सिमी आतंकवादियों को भी गिरफ्तार किया गया था। 27 फरवरी 2017 को, विशेष सीबीआई न्यायाधीश बीके पालोदा ने उन्हें अवैध हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक रखने और आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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