Thursday, June 30, 2022
Homeउज्जैनउज्जैन:बंदरगाह पर अटका लाखों का गेहूं, व्यापारियों को होगा आर्थिक नुकसान...

उज्जैन:बंदरगाह पर अटका लाखों का गेहूं, व्यापारियों को होगा आर्थिक नुकसान…

हड़ताल से मंडी में पसरा सन्नाटा

गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध से नाराज, सांसद को ज्ञापन दिया

उज्जैन।केंद्र सरकार द्वारा गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे व्यापारियों का लाखों टन माल बंदरगाह पर अटक गया। केंद्र सरकार की इस नीति के विरोध में मप्र अनाज दलहन व तिलहन महासभा ने प्रदेशभर की सभी मंडियों में दो दिन की सांकेतिक हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उज्जैन की कृषि उपज मंडी में भी दो दिन तक उपज की नीलामी नहीं होगी। व्यापारियों की हड़ताल से मंडी परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है।

व्यापारियों की हड़ताल के चलते मंडी सचिव उमेश बसेडिय़ा शर्मा ने किसानों से आग्रह किया है कि वे मंगलवार और बुधवार को अपनी उपज मंडी में लेकर न आएं। अनाज व्यापारी संघ के अध्यक्ष गोविंद खंडेलवाल ने सांसद अनिल फिरोजिया से ज्ञापन देकर मांग की है कि कांडला पोर्ट पर जो 5000 ट्रक खाली होने के इंतजार में खड़े हैं।

इनमें उज्जैन जिले के करीब 100 ट्रक भी शामिल है। निर्यातक कंपनियों ने माल लेने से मना कर दिया है इससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होगा। सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि हमने सांसद से मांग रखी है कि हम अगला व्यापार नहीं करेंगे किंतु जो माल कांडला एयरपोर्ट पर पहुंच चुका है उसका निराकरण करवाएं। केंद्र सरकार ने अगर इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो प्रदेश महासभा के आव्हान पर सभी मंडियां अनिश्तिकाल के लिए बंद होगी।

हम्माल-तुलावटी हुए फुर्सत में

मंडी में तीन का अवकाशऔर अब व्यापारियों की दो दिन की हड़ताल शुरू हो गई। इससे मंडी में उपज की नीलामी नहीं हो रही हैं। मंडी के हम्माल और तुलावटी फुर्सत में हो गए है। वे मंडी परिसर में इधर-उधर घूमते हुए टाईमपास करते रहे

पांच दिन के अवकाश से किसान होंगे परेशान

14 मई को माह के दूसरा शनिवार होने से बैंक में छुट्टी के कारण मंडी में भी उपज की नीलामी नहीं हुई। 15 मई रविवार का अवकाश तथा 16 मई को बुद्ध पूर्णिमा का शासकीय अवकाश था। इस प्रकार तीन दिनों तक मंडी रही। वहीं अब मंगलवार और बुधवार को व्यापारियों की हड़ताल से फिर मंडी में उपज की नीलामी बंद रहेगी। वहीं व्यापारियों ने अनिश्चतकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी हैं। इससे किसान उपज के विक्रय को लेकर परेशान हैं।

जरूर पढ़ें

मोस्ट पॉपुलर