Wednesday, May 18, 2022
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उज्जैन:संस्कृति मंत्री ने कहा- महाकाल मंदिर में कोई अंग्रेजी नाम नहीं चलेगा

अचानक मृदा-प्रोजेक्ट के काम का निरीक्षण करने पहुंची मंत्री उषा ठाकुर

उज्जैन। प्रदेश की धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि महाकाल मंदिर परिसर और मृदा-प्रोजेक्ट के किसी काम और कार्य का नाम अंग्रेजी में नहीं चलेगा। सभी नामों की पट्टीका प्राचीन और परंपरागत हिन्दी नामों की लगी होनी चाहिए। मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन शुल्क को एक समान करने पर जल्द ही विचार कर निर्णय लिया जाएगा।

दरअसल, संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर गुरुवार शाम बगैर किसी सूचना के अचानक महाकाल मंदिर पहुंच गई थी। दर्शन के बाद उन्होंने आम श्रद्धालुओं से भी चर्चा कर मंदिर के विस्तार कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान मंदिर प्रबंध समिति का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। मंदिर में उपस्थित कुछ श्रद्धालुओं ने मंत्री ठाकुर को अलग-अलग दर्शन शुल्क लिए जाने के संबंध में अवगत करवाया और इसे एक समान करने का अनुरोध किया।

इस बीच मंत्री के मंदिर आने की सूचना मिलने के बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ तत्काल मंदिर पहुंचे उनके आते ही सबसे पहले मंत्री ठाकुर ने श्रद्धालुओं द्वारा शुल्क के संबंध में कहीं गई बातों को लेकर सवाल किया। धाकड़ के पास इसका कोई जवाब नहीं था। वे केवल इतना बोले की यह निर्णय मंदिर समिति का है।

इस पर मंत्री ठाकुर ने मुख्यमंत्री से चर्चा कर शासन स्तर पर दर्शन शुल्क एक समान करने की बात कहीं है। वहीं मंदिर परिसर स्थित सिद्ध विनायक मंदिर से धागा बांधने पर रोक की जानकारी आने के बाद मंत्री ने धाकड़ से कहा कि जब महाकाल मंदिर प्रबंध समिति कलाइयों में धागा बांध सकती है तो गणेश मंदिर में क्यों नहीं। निर्देश दिए कि गणेश मंदिर से भी धागा बांधने की अनुमति दी जाए। इसके बाद मंत्री ठाकुर ने महाकाल मंदिर विस्तार के मृदा-प्रोजेक्ट के कार्यों को देखने की मंशा जाहिर की।

यह क्या है बताओ
मृदा प्रोजेक्ट के कार्यों का निरीक्षण करते हुए मंत्री ठाकुर की निगाह जब वहां बने लोटस पॉड पर पड़ी तो उन्होंने कहा यह क्या है। धाकड़ ने बताया यह लोटस पॉड है। मंत्री ने तत्काल पूछा इसका मतलब बताओ। तभी किसी ने बताया कि यह कमल कुंड है। मंत्री ने अंग्रेजी नाम पर आपत्ति लेते हुए कहा कि यह सब नहीं चलेगा। एक अन्य व्यक्ति ने अवगत करवाया कि मंदिर समिति कॉरिडोर, रेम्प, काला गेट जैसे नामों का भी उपयोग करती है। मंत्री ठाकुर ने कहा कि मंदिर परिसर में कुछ भी अंगे्रजी नाम नहीं चलेंगे।

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