Friday, May 27, 2022
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उज्जैन:होटल कर्मचारी के बैंक खातों से करोड़ों के लेनदेन में दो थानों में केस दर्ज

माधवनगर पुलिस ने दो को हिरासत में लिया कोतवाली के केस में सीएसपी का नाम नहीं

उज्जैन। चाय की होटल पर काम करने वाले युवक को 15 हजार रुपये प्रतिमाह पर ऑनलाइन काम का झांसा देने के बाद इंदौर के युवक ने उसके 4 बैंकों में खाते खुलवाकर 5 करोड़ का लेनदेन किया।

मामले में युवक ने माधव नगर और कोतवाली थाने में केस दर्ज कराये जिसके बाद माधव नगर पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया जबकि कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर में सीएसपी के नाम का उल्लेख नहीं है।

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यह है कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर

राहुल मालवीय पिता कैलाश मालवीय निवासी मोहन नगर हालमुकाम पदमावती कॉलोनी कानीपुरा रोड ने अपनी मां जयश्री के साथ कोतवाली थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें लिखा गया कि उसके दोस्त वरूण डाबी ने अपने जीजा सुनील बैरागी से कंठाल चौराहे पर मिलवाया। सुनील ने स्वयं को कोतवाली थाने का सब इंस्पेक्टर बताया और दुकान ले जाकर आवेदन टाइप कराया। सुनील ने कहा कि तुम्हारे मामले का निपटारा करवा दूंगा। दूसरे दिन सुनील बैरागी ने सीएसपी कार्यालय बुलवाया जहां सुनील ने सीएसपी के नाम पर 5 लाख रुपये मांगे व मामला रफादफा करने की बात कही।

थाने में एफआईआर के पहले और बाद में राहुल के इस प्रकार रहे बयान

कोतवाली थाने में कथित पुलिसकर्मी सुनील बैरागी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने से पहले राहुल मालवीय का कहना था कि सीएसपी पल्लवी शुक्ला ने ऑफिस में बुलाकर 40 लाख रुपये का हिसाब मांगा और फिर 5 लाख रुपयों की मांग की। साथ ही रुपये नहीं देने पर मां के साथ थाने में बंद करने की धमकी दी।

अब रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद राहुल का कहना है कि रुपयों की मांग सुनील बैरागी ने की थी। वह सीएसपी शुक्ला के नाम से 5 लाख रुपये मांग रहा था। राहुल यह भी कहता है कि जब सीएसपी के क्षेत्र का मामला नहीं था तो उन्होंने मुझे व मेरी मां को अपने ऑफिस में बुलाकर 40 लाख रुपए का हिसाब क्यों मांगा, फिर 10 लाख का हिसाब पूछकर मां व मुझे थाने में बंद करने की धमकी क्यों दी।

यह है माधव नगर थाने में दर्ज एफआईआर

राहुल मालवीय ने माधव नगर थाने में सौरभ गुप्ता, भोला बड़ोदिया पिता चंपालाल निवासी मालवीय नगर इंदौर व मांगीलाल उर्फ मंगलसिंह निवासी इंदौर व अन्य के खिलाफ धारा 388, 365, 342, 323, 506, 34 के तहत केस दर्ज कराया। यहां राहुल ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि दीपावली के 10-15 दिन पहले सत्यप्रकाश पाण्डेय तेलीवाड़ा स्थित होटल पर मिला था।

उसने सौरभ गुप्ता निवासी इंदौर से मिलवाया। फेसबुक पर वीडियो अपलोड करने के बदले 15 हजार रुपये प्रतिमाह देने की बात कही। इंदौर में ट्रेनिंग भी दी और चार बैंकों में खाते खुलवाये।

उक्त खातों से 5 करोड़ का लेनदेन हुआ। जानकारी लगने पर राहुल ने 23 लाख रुपये खाते से निकालकर पदमावती कॉलोनी में मकान खरीद लिया तो सौरभ अपने साथी भोला, मांगीलाल व अन्य के साथ उज्जैन आया। आरक्षक केशव रजक ने माधव थाने बुलवाया। यहां पुलिस ने भोला के आवेदन पर राहुल को धमकाकर मकान सौरभ गुप्ता के नाम कराया। इस मामले में एसपी द्वारा आरक्षक केशव को सस्पेंड किया जा चुका है।

पुलिस पर लगे आरोप की जांच अब एएसपी भूरिया के पास…

एसएसपी सत्येन्द्र कुमार शुक्ला ने बताया कि राहुल मालवीय की रिपोर्ट पर कोतवाली और माधव नगर थाने में केस दर्ज हो चुके हैं। दोनों थानों के प्रभारी अपने स्तर पर जांच कर दोषियों की गिरफ्तारी करेंगे, जबकि राहुल द्वारा कोतवाली और माधव नगर थाने के पुलिसकर्मियों पर लगाये गये आरोपी की जांच एएसपी आकाश भूरिया को सौंपी गई है।

भोला बोला-असली हीरो सौरभ गुप्ता
माधवनगर पुलिस ने थाने में आवेदन देने वाले भोला बड़ोदिया को हिरासत में लिया। भोला ने पुलिस को बताया कि सौरभ गुप्ता ही असली हीरो है।

उसने मुझे भी 15 हजार रुपये महीना से काम पर रखा। मेरा काम इंदौर में प्रापर्टी देखना था। सौरभ ने भोला के आईसीआईसीआई बैंक, एचसीएफएल, कोटक महिन्द्रा और बंधन बैंक में खाते खुलवाये। उसके खाते से अब तक कितने रुपयों का लेनदेन हुआ इसकी जानकारी भोला को नहीं। भोला का कहना है कि सौरभ गुप्ता बंगाली कॉलोनी इंदौर में रहता है, मांगीलाल रोबोट चौराहा इंदौर का रहने वाला है। सौरभ एक्टिवा से मेरे पास आता था उसका असली ठिकाना मैं नहीं जानता।

ऐसे समझें किसकी क्या भूमिका

राहुल मालवीय- फरियादी जिसके 4 बैंक खातों से 5 करोड़ का लेनदेन हुआ।

सुनील बैरागी- स्वयं को कोतवाली थाने का सब इंस्पेक्टर बताया और सीएसपी पल्लवी शुक्ला के पास राहुल को लेकर गया।

सत्यप्रकाश पाण्डेय- राहुल मालवीय को होटल पर मिला और सौरभ गुप्ता के पास ले गया।

सौरभ गुप्ता- करोड़ों के लेनदेन का अब तक का मुख्य किरदार जिसने राहुल को फेसबुक पर वीडियो अपलोड करना सिखाया और उसके खातों से रुपयों का लेनदेन किया।

भोला बड़ोदिया- स्वयं को बेगुनाह बता रहा जबकि इसी ने माधव नगर थाने में आवेदन देकर राहुल को थाने बुलवाया व मकान दूसरे के नाम कराया।

मांगीलाल उर्फ मंगलसिंह- भोला बड़ोदिया के साथ इंदौर से माधव नगर थाने आया था। मांगीलाल कोटक महिन्द्रा बैंक का कर्मचारी बताया जा रहा है। संभवत: सौरभ गुप्ता इसी की मदद से बैंकों से रुपये निकालने का काम करता था।

सुनील चावड़ा- देसाई नगर निवासी इस व्यक्ति ने स्वयं को क्राइम ब्रांच का अफसर बताया था। राहुल का कहना था कि माधव नगर थाने में मकान दूसरे के नाम ट्रांसफर कराने के बाद उसे सुनील के घर ले जाया गया जहां उसके साथ मारपीट हुई। इसे भी माधव नगर पुलिस ने पूछताछ के लिये बैठाया है।

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