Sunday, May 15, 2022
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उज्जैन का मेडिकल कॉलेज फिलहाल तो अधर में….

घोषणा को सात माह बीते… अभी और इंतजार

उज्जैन।शहर में शासकीय मेडिकल कालेज खोलने की मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की घोषणा को सात महीने हो गए हैं, पर इसे लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हो पाया है। ऐसे में घोषणा का जल्द धरातल पर आकार लेना मुश्किल है। शासकीय मेडिकल कॉलेज की वर्षों पुरानी मांग को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 19 मई की उज्जैन यात्रा के दौरान पूरा किया था। सीएम ने इसके पहले केंद्र सरकार के स्तर पर उज्जैन में मेडिकल कॉलेज खोलने को लेकर हरी झंडी ले ली थी।

इस घोषणा का सात महीने पूरे हो गए है। इस बीच प्रदेश सरकार ने न केवल 6 नए मेडिकल कॉलेज मंडला, सिंगरौली, श्योपुर, राजगढ़, नीमच और मंदसौर में खोलने को मंजूरी दे दी,बल्कि बजट प्रस्तावित कर दिया है। इसमें मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार उज्जैन का नाम नही था। बहरहाल जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शासकीय मेडिकल कॉलेज को लेकर प्रक्रिया चल रही है।

विक्रम विश्व विद्यालय ने तो नाम भी तय कर दिया
सीएम की घोषणा के बाद तो उच्चशिक्षा मंत्री की पहल पर विक्रम विश्वविद्यालय ने तो न केवल मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने का प्रस्ताव बना लिया था,बल्कि इसका नाम सम्राट विक्र्रमादित्य मेडिकल साइंस इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर भी तय कर दिया था। इसके लिए 184.80 करोड़ रु. औपचारिक प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिया था। इसके लिए विवि ने 15 एकड़ जमीन की उपलब्धता दर्शा दी थी। कुछ समय पहले राज्य सरकार द्वारा मांगी गई जानकारी भी विक्रम विवि ने कार्यपरिषद के अनुमोदन के बाद भेज दी है। इतना ही नहीं विक्रम विश्वविद्यालय में सत्र 2023-24 से सरकारी मेडिकल कॉलेज का संचालन प्रारंभ होने की संभावना व्यक्त की जाने लगी थी।

यह सवाल भी
यह सवाल भी उठा कि कालेज को संबद्धता जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी की ही मिलेगी या विक्रम विश्वविद्यालय की। कालेज पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप माडल पर खुलेगा या शासकीय स्तर पर। रतलाम में पहले से मेडिकल कॉलेज है। इस बीच सीएम ने संभाग के नीमच और मंदसौर में मेडिकल कालेज खोलने की घोषणा भी कर दी है। ऐसे में कहा जा रहा है कि एक संभाग में चार चिकित्सा महाविद्यालय कैसे संभव हैं? उज्जैन में पहले से ही एक निजी मेडिकल कालेज आरडी गार्डी महाविद्यालय में है। ऐसे में कहीं यहां शासकीय मेडिकल कॉलेज खुलने का मामला खटाई में नही पड़ जाए।

शासन स्तर पर प्रक्रिया जारी
सीएम की घोषणा को अमल में लाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। उज्जैन मेडिकल कॉलेज से वंचित नहीं होगा। मेडिकल कॉलेज के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर चर्चा की जा रही थी। उज्जैन का मेडिकल कॉलेज शासन स्तर पर खोला जाएगा। इसके लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया जारी है। सरकार की मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया तेज हो जाएगी।-मोहन यादव,उच्च शिक्षा मंत्री

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने दिया है आश्वासन
उज्जैन में केंद्र सरकार द्वारा पीपीपी मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) या राज्य और केन्द्र सरकार की मेचिंग ग्रांट से प्रस्तावित किया जा रहा था। इस पर मुख्यमंत्री और मैं सहमत नही थे। हमारी मांग शासकीय मेडिकल कॉलेज खोलने की है। इस संबंध में प्रस्ताव दिया जा चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख माडिया से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान और मेरी चर्चा हुई है। उन्होंने इसके लिए आश्वासन दिया है।-अनिल फिरोजिया,सांसद

निर्णय शासन को करना है
विक्रम विश्वविद्यालय में मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्ताव और आवश्यक जानकारी शासन को दी जा चुकी है। इस मामले में नीतिगत फैसला तो शासन को करना है। इसके साथ ही विवि को मेडिकल कॉलेज के लिए एएमसीआई के मापदंड और बजट का भी ध्यान रखना होगा।
प्रो.अखिलेश पाण्डेय,कुलपति, विवि

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