Friday, May 27, 2022
Homeउज्जैनउज्जैन कैसे लड़ेगा कोरोना के नए वेरीएंट ओमिक्रॉन से...?

उज्जैन कैसे लड़ेगा कोरोना के नए वेरीएंट ओमिक्रॉन से…?

माधवनगर हॉस्पिटल की नई आईसीयू में वेंटीलेटर बंद, मॉनीटर खराब, इलेक्ट्रिक सप्लाय भी अवरुद्ध

उज्जैन। कोरोना के नए वेरीएंट ओमिक्रॉन ने दुनियाभर के देशों में दहशत पैदा कर दी है। मंगलवार को प्रदेश के मुख्य सचिव इकबालसिंह बैस ने सभी जिलों में कोरोना से लडऩे के लिए किए इंतजमों की समीक्षा की है। इस दौरान उज्जैन जिले के अधिकारियों ने हर बात में हामी भरी, लेकिन सीएस को इस बात के लिए अंधेरे में रखा गया कि करोड़ों रुपए खर्च करके कोरोना की सेकंड वेब के समय माधवनगर में नई आईसीयू तैयार की गई थी। उस आईसीयू के मॉनीटर, वेंटीलेटर बंद पड़े हैं, वहीं इलेक्ट्रिक सप्लाय की लाइन अवरुद्ध है।

माधवनगर को कोरोना रोग के उपचार के लिए अलग से तैयार किया गया था। इस हॉस्पिटल को करोड़ों रुपए खर्च करके नए सिरे से तैयार किया था। अभी के हालात यह है कि भूतल पर बनी न्यू आईसीयू में लगे मानीटर बंद पड़े हैं। इसी प्रकार यहां लगे वेंटीलेटर कम तो है ही लेकिन बंद होने से जो उपलब्ध है, वे भी काम के नहीं है। एक तरफ की पूरी इलेक्ट्रिक सप्लाय करीब एक वर्ष से बंद पड़ी है। डॉक्टर्स कितनी ही बार सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन को बता चुके हैं लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।

इस समय यहां पर हालात यह है कि न्यू आईसीयू में भर्ती मरीज यदि वार्ड की राइट साइड में पलंग पर उपचार करवा रहा है और गंभीर हो जाता है तो पहले उसे उठाकर लेफ्ट साइट में किसी पलंग को खाली करवाकर लाया जाता है। इसके बाद उसको ऑक्सीजन, वेंटीलेटर और मॉनीटर उपलब्ध हो पाता है। चूंकि इस तरफ की इलेक्ट्रिक लाइन ठीक है, ऐसे में मरीज को शिफ्ट करना मजबूरी होता है। ऐसा न करने पर मरीज की मौत भी हो सकती है।

हंसते हैं डॉक्टर्स और पेरा मेडिकल स्टॉफ
यहां आईसीयू में पदस्थ डॉक्टर्स एवं पेरा मेडिकल स्टाफ से जब तैयारियों को लेकर चर्चा की जाती है तो वे हंस देतेे हैं। उनके अनुसार आईसीयू इतनी अच्छी थी कि लोग तारीफ करते थे। अब कंडम हो गई है। इसका मुख्य कारण संधारण नहीं होना है। वेंटीलेटर जितने थे, वे कम होते चले गए। बंद पड़े मॉनीटरों की संख्या बढ़ती जा रही है। सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम फेल हो गया है। इलेक्ट्रिक सप्लाय अवरुद्ध है। ऐसे में देखने में आईसीयू अच्छी लगती है लेकिन उपचार के काम की नहीं रही। अब ये प्रायवेट वार्ड जैसी हो गई है।

हम हैं तैयार…..बोलो शासन से अनुबंध करने का
आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस संक्रमण के उपचार के नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर वैद्य के अनुसार कोरोना रोग के उपचार के लिए उनके यहा 700 बेड की तैयारी है। इन बेड पर तीन ऑक्सीजन प्लांट से ऑक्सीजन सप्लाय की व्यवस्था है। वेंटीलेटर पर्याप्त है वहीं मॉनीटर की कमी नहीं है। सशुल्क उपचार के लिए मरीज आ सकते हैं। चंूकि शासन ने नि:शुल्क उपचार का अनुबंध फिलहाल नही किया है, ऐसे में हम नि:शुल्क उपचार नहीं कर सकते हैं। शासन अनुबंध करेगा तो हम तैयार हैं।

इनका कहना है
इस संबंध में सीएमएचओ डॉ.संजय शर्मा ने कहा कि हमारी तैयारियां पूरी है। जब शा. माधवनगर की न्यू आईसीयू को लेकर पूछा गया तो वे बोल- वहांं की कमियों में सुधार लाना है। कलेक्टर के साथ दौरा किया था। जल्द ही नई व्यवस्थाएं जुटा लेंगे।

जरूर पढ़ें

मोस्ट पॉपुलर