Friday, May 27, 2022
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उज्जैन : बच्चा चोरी होने और बाल अपराधियों के सुधारगृह से भागने में किसी की गलती नहीं

सहायक संचालक बोले- महिला के साथ केयर टेकर भेजा था, बाल अपराधी हमला कर भागे

उज्जैन। बालिका गृह में रहने वाली देवास की नाबालिग प्रसूता की डिलेवरी के बाद आरडी गार्डी अस्पताल से उसका बच्चा चोरी हो गया। कुछ दिनों बाद बाल सुधार गृह से गंभीर मामलों में विचाराधीन 6 बाल अपराधी भाग निकले। दोनों मामलों में महिला एवं बाल विकास विभाग सहायक संचालक ने जिम्मेदारों को क्लीन चिट देते हुए कहा कि उनकी कोई गलती नहीं थी।

अस्पताल के कैमरे ही बंद थे: देवास में रहने वाली दुष्कर्म पीडिता माता पिता के साथ रहना नहीं चाहती थी। सीडब्ल्यूसी के आदेश पर पीडि़ता को बालिका गृह उज्जैन भेजा गया। यहां पेट दर्द की शिकायत के बाद उसे चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां हालत गंभीर होने पर आरडी गार्डी रैफर किया गया। वहां शिशु को जन्म देने के चार दिन बाद पीडि़ता का बच्चा अस्पताल से चोरी हो गया। पीडि़ता के साथ बालिका गृह से एक केयर टेकर को भेजा गया था। उसके बावजूद बच्चा चोरी हो गया। इस मामले में महिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक एस.ए. सिद्दकी ने बताया कि महिला के साथ केयर टेकर भेजा गया था। जिसका काम जरूरत पडऩे पर पीडि़ता के लिये दवा आदि की व्यवस्था करना था न कि उसकी सुरक्षा अथवा बच्चे की देखरेख करना था। गलती तो अस्पताल प्रशासन की है जहां कैमरे तो लगे हैं,लेकिन डीवीआर में हार्डडिस्क तक नहीं है।

दूसरा मामला पिछले दिनों बाल सुधार गृह मालनवासा से हत्या और दुष्कर्म जैसे मामलों में विचाराधीन 6 बाल अपराधियों के भागने का है। हालांकि मामले में नागझिरी पुलिस ने 6 बाल अपराधियों को अलग-अलग जगह से पकड़कर फिर बाल सुधारगृह भेज दिया है लेकिन सुधार गृह से बच्चों के भागने की जांच भी सहायक संचालक द्वारा ऑन स्पॉट कर ली गई और अधीक्षक को क्लीन चिट भी दी गई है।

न ट्रायल न जमानत इस कारण भागे बच्चे

सहायक संचालक सिद्दीकी ने बताया कि 6 बच्चे सुधार गृह से भागे जिसके कुछ घंटे बाद ही अधीक्षक ने एक बच्चे को पकड़ लिया। उसी रात दो बच्चों को पुलिस ने दताना मताना से पकड़ा। उनसे पूछताछ की तो बच्चों का कहना था कि न जमानत हो रही थी और न ही ट्रायल हो रहा था। जमानत की अपील खारिज हुई तो हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हो रही थी इस कारण सुधार गृह से भागने की योजना बनाई थी। भागने से पहले उक्त बच्चों ने होमगार्ड सैनिक पर हमला किया, उसे बाथरूम में बंद भी किया था। इस कारण अधीक्षक का पूरे मामले में कोई दोष नहीं है।

दिसंबर में दो बच्चे हो चुके थे बालिग

बाल सुधारगृह से भागने वाले 6 बच्चों में से 2 बच्चे दिसंबर माह में ही बालिग हो चुके थे। इस मामले में सिद्दीकी बताते हैं कि सुधार गृह अधीक्षक दिसंबर माह में ही जेजेबी देवास को पत्र लिखकर अवगत करा चुके थे, लेकिन वहां से आदेश नहीं मिला इस कारण 18 वर्ष से अधिक के होने के बाद भी उन्हें सुधारगृह में ही रखा।

एक को भैरवगढ़ भेजा, दूसरे पर विचार

सिद्दीकी ने बताया कि 18 वर्ष के हो चुके दो बालकों में से एक को भैरवगढ़ जेल भेजा गया है जबकि दूसरे को कहां भेजना है इस पर जेजेबी द्वारा विचार किया जा रहा है। घटना के बाद जेजेबी देवास द्वारा बाल सुधारगृह का निरीक्षण भी किया गया था।

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