Tuesday, May 17, 2022
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उज्जैन : भगवान महाकालेश्वर के लड्डू प्रसाद के नाम पर ठगी

गौरखधंधे में मंदिर समिति की महिला सेवक का नाम

और भी कर्मचारियों की मिलीभगत हो सकती है, एफआईआर की तैयारी

उज्जैन। महाकाल मंदिर के लड्डू प्रसादी निजी वेबसाइट द्वारा बेचने के मामले में नया खुलासा हुआ है। इसमें लड्डू प्रसादी यूनिट में कार्यरत महाकाल मंदिर प्रबंध समिति की एक महिला सेवक मिलीभगत उजागर हुई है। इसके माध्यम से निजी वेबसाइट द्वारा महाकाल लड्डू प्रसादी को ऑनलाइन बेचा जा रहा था। मंदिर प्रबंध समिति द्वारा मामले में महिला सेवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रही है।
महाकाल मंदिर के लड्डू प्रसादी को निजी वेबसाइट द्वारा बेचने के मामले में नया खुलासा हुआ है। रविवार को यह मामला सामने आने और वेबसाइट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद मंदिर प्रबंध समिति द्वारा की गई आंतरिक जांच में मंदिर प्रबंध समिति के सेवक की मिली भगत का हुआ खुलासा है। श्री टेम्पल नामक वेबसाइट पर महाकाल थाने में एफआईआर दर्ज कराने के बाद अब लड्डू प्रसादी को वेबसाइट तक पहुंचाने वाले समिति के सेवक खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।

महाकाल मंदिर की इसी गुणवत्ता वाले लड्डू प्रसादी को अपनी वेब साइट श्री टेम्पल पर अनधिकृत रूप से बेचने के आरोप में महाकाल मंदिर समिति ने वेबसाइट के खिलाफ महाकाल थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद सवाल उठे थे कि मंदिर से वेबसाइट तक कैसे पहुंचते थे। लड्डू प्रसादी के इस गोरखधंधे में मंदिर प्रबंध समिति के सेवक तो शामिल नहीं है। इसके बाद मंदिर प्रबंध द्वारा अपने स्तर पर गोपनीय तरीके से जांच करने पर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस पर जांच की गयी तो पता चला की महाकाल मंदिर की लड्डू प्रसादी के कुछ कर्मचारी इस मामले में शामिल हैं। इसमें एक महिला का नाम भी सामने आया है और जल्द ही इस पर मंदिर समिति एफआईआर दर्ज कराएगी। मंदिर समिति के अध्यक्ष उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा की जांच में लड्डू यूनिट कर्मचारी के नाम सामने आए है। कुछ और नाम सामने आने की उम्मीद है इस पर जांच चल रही है फिलहाल एक महिला कर्मचारी का नाम सामने आने के बाद अब एफआईआर दर्ज करवाएंगे।

फर्जीवाड़े की शिकायत के लिए पुलिस साइबर सेल को आवेदन देकर भूल गए

महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती, वीआईपी पास और अन्य सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध कराने के लिए निजी वेबसाइट का उपयोग करने का मामला जुलाई 2019 में सामने आया था। इसमें फर्जी वेबसाइट बनाकर भगवान महाकाल की भस्म आरती की बुकिंग का मामला था। उस समय एक श्रद्धालु द्वारा ऑनलाइन डॉट देवम डॉट कॉम के माध्यम से भगवान महाकाल की भस्मआरती की बुकिंग करवाई थी। उसके बैंक खाते से राशि कट गई, लेकिन अनुमति नहीं मिली। इस पर श्रद्धालु ने मंदिर प्रबंध समिति से संपर्क किया तो फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। देवम् डॉट कॉम पर महाकाल मंदिर का नाम उपयोग कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। देवम् डॉट कॉम की पड़ताल में महाकाल के नाम पर फर्जीवाड़ा उजागर हो गया था। इसके बाद महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने साइबर सेल को आवेदन दिया। प्रबंध समिति सायबर सेल को आवेदन देकर मामले को भूल गई।

शहर के लोग ही बेच रहे थे दोगुने दाम पर लड्डू

महाकाल के लड्डू प्रसाद को अधिक कीमत पर बेचकर श्रद्धालुओं के साथ धोखाधड़ी करने का यह कोई पहला मामला नहीं है। 2016 भी इस तरह का मामला सामने आया था। उस समय शहर के कुछ लोगों ने ऑनलाइन कंपनी बनाकर लडडू प्रसाद का अवैध करोबार शुरू किया था। मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आज तक इस मामले में किसी भी व्यक्ति पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महाकाल मंदिर की लड्डू प्रसादी ऑनलाइन दोगुने भाव पर बेचने का मामला था। समिति की ओर से नीलगंगा थाने में शिकायती आवेदन दिया गया था।

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