एक ही कॉलोनी में टूटे तीन मकानों के ताले

मणिनगर में चोरों की गश्त रहवासियों में आक्रोश
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उज्जैन। विक्रम नगर ओवर ब्रिज के नजदीक बनी मणि नगर कॉलोनी में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात चोरों ने एक साथ तीन मकानों के ताले चटका दिए। तीनों ही मकान सूने पड़े थे। सुबह जब कालोनी के रहवासियों को इसका पता चला तो वे आक्रोशित हो गए। आरोप लगाया कि कालोनाइजर द्वारा यहां सुरक्षा सबंधी पर्याप्त इंतजाम नहीं किए है।
मणि नगर कॉलोनी में 300 के लगभग मकान बने है। सुबह जब कॉलोनी के लोग जागे तो इनमें से किसी ने देखा कि एक साथ बने तीन मकानों के दरवाजे खुले पड़े है। इनके टूटे हुए ताले मकानों के बाहर सडक पर पड़े थे। तत्काल ही पुलिस को सूचना दी गई। पंवासा थाने से पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पास-पास बने इन मकानों में से एक में सिंचाई विभाग से रिटायर्ड ट्रेसर ईश्वर पिता बाबूलाल वाडिया अपनी धर्मपत्नी के साथ रहते है।
दूसरे मकान में बेतूल निवासी विक्रम विश्वविद्यालय की छात्रा अंशी वर्मा रहती है और तीसरे मकान में तपेश भट्?ट का परिवार किराए से रहता है। अंशी वर्मा अपने घर बैतूल गई हुई है, तपेश भट्ट भी परिवार के साथ एक रिश्तेदार के बीमार होने की वजह से उनसे मिलने झालावाड़ गए है। ईश्वरलाल वाडिया का एक मकान किशनपुरा में है, वे और उनकी पत्नी दोनों ही दो दिनों से किशनपुरा वाले मकान पर थे। मणि नगर के इन तीनों ही मकानों पर ताले पड़े थे। मामले की जांच कर रही पुलिस टीम के मुताबिक इन तीनों ही मकानों से कितना सामान चोरी गया है, यह फिलहाल साफ नहीं हो सका है।
शराबियों का अड्डा बना कॉलोनी का रोड
रहवासी ईश्वरलाल वाडिया के मुताबिक इस कॉलोनी में प्लॉट खरीदते वक्त कॉलोनाइजर द्वारा वादा किया गया था कि यहां सुरक्षा संबंधी पर्याप्त इंतजाम होंगे। यहां न तो गार्ड है न ही सीसीटीवी कैमरे। कॉलोनी मुख्य सडक़ से काफी अंदर है और रात के वक्त कॉलोनी की सडक़ पर शराबियों का जमघट लगा रहता है। पुलिस को भी कई बार इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई।









