Tuesday, May 17, 2022
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कलेक्टर ने कहा-उज्जैन में कोरोना की तीसरी लहर पूरी तरह आ गई

उज्जैन। सोमवार को कलेक्टर आशीषसिंह ने इंसीडेंट कमांडर्स के साथ कोविड संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न अनुभागों के एसडीएम वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। कलेक्टर ने समस्त एसडीएम को निर्देश दिये कि उनके अनुविभाग में व्यक्ति को कोरोना से मिलते.जुलते जरा से भी लक्षण दिखाई दें तो तुरन्त टेस्टिंग करवायें। एसडीएम आरआरटी सिस्टम दुरूस्त करें। यह मानकर चलें कि कोरोना की तीसरी लहर पूरी तरह से आ गई है। जैसे ही कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की सूची प्राप्त हो, आरआरटी तत्काल निकल जाये।

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कलेक्टर ने निर्देश दिये कि एसडीएम उनके क्षेत्र में कितने लोग अस्पताल में भर्ती हैं तथा कितने लोग होम आइसोलेशन में हैं,यह सुनिश्चित करें। तहसील स्तर पर बिल्डिंग,सामुदायिक भवन आदि को चिन्हित कर वहां कोविड केयर सेन्टर बनायें। मेडिकल स्टाफ की राउण्ड द क्लॉक ड्यूटी लगाऐं। दवाईयों के किट पर्याप्त मात्रा में रखें। मास्क,सोशल डिस्टेंसिंग और सेनीटाइजेशन का विशेष ध्यान रखा जाये। जो लोग घर के बाहर बिना मास्क के निकल रहे है,उन पर सख्ती से स्पॉट फाइन लगाया जाए। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज के घर को कंटेनमेंट क्षेत्र बनायें और उनके घर के बाहर पोस्ट लगवाये जायें।

संक्रमित मरीज और उसके परिवारजनों को घर से बाहर सात दिनों तक न निकलने दें।
बैठक में डॉ.रौनक ने समस्त बीएमओ को जानकारी दी कि ऐसे कोरोना संक्रमित जो कार्डिएक पेशेंट भी ह,उन्हें अतिरिक्त एंटीवायरल दवाई दी जा सकती है। यदि कोई गर्भवती महिला कोरोना पॉजिटिव आती है तो उनके इलाज के लिये गायनेकोलॉजिस्ट और पीडियाट्रीशियन की ड्यूटी ऑनकॉल लगाई जा सकती है। जो भी कोरोना के प्रकरण आयेंए उनकी रिपोर्ट तीन से चार घंटे के अन्दर जिला मुख्यालय भेजेेंं। कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के सभी फस्र्ट कॉन्टेक्ट्स को भी सात दिनों के लिये क्वारेंटाईन करना है।

बैठक में कलेक्टर ने 15 से 18 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण की गति बढ़ाने के निर्देश दिये। कहा कि विभिन्न विद्यालयों में 15 से 18 वर्ष के जो बच्चे एनरोल्ड हैं,उनके अलावा कुछ बच्चे ऐसे भी हो सकते हैं जो उक्त आयुवर्ग के हों, लेकिन ड्रापआऊट हैं अथवा कक्षा 9वी से 12वी में नियमित अध्ययनरत नहीं हैं,उन्हें भी चिन्हित किया जाये। बच्चों का टीकाकरण स्कूलों में ही होगा। कलेक्टर ने निर्देश दिये कि विद्यालय में यदि कोई दूसरे विद्यालय में अध्ययनरत 15 से 18 वर्ष का विद्यार्थी टीका लगवाने आये तो उसे मना न करें।

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