कल पहली बार उज्जैन आएंगे पश्चिम रेलवे के जीएम पांडे रतलाम से उज्जैन तक करेंगे सिंहस्थ तैयारियों का मुआयना

उज्जैन रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को सुबह से ही तैयारियां चलती रही, सफाई और धुलाई का काम हुआ

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। पश्चिम रेलवे के जीएम (महाप्रबंधक) रामाश्रय पांडे पहली बार बुधवार उज्जैन आएंगे। वह रतलाम से लेकर उज्जैन तक सिंहस्थ तैयारियों का मुआयना करेेंगे। जीएम करीब 10 घंटे तक उज्जैन में रहेंगे। उनका मिनट टू मिनट कार्यक्रम जारी हो गया है। जीएम के दौरे की तैयारी मंगलवार को जमकर चलती रही। रेलवे स्टेशन को दौरे के मद्देनजर चकाचक किया जा रहा है।
जीएम पांडे पहली बार उज्जैन आ रहे हैं। उनका दौरा रतलाम से शुरू होगा। रतलाम से सुबह 7 बजे वह सेल्फ प्रोप्रालाइड इंस्पेक्शन कार (स्पिक) से उज्जैन के लिए रवाना होंगे। स्पिक पटरियों पर दौडऩे वाली विस्टाडम बोगी होती है, जो दोनों तरफ मूव कर सकती है। इससे गतिविधियों का जायजा लिया जा सकता है।
जीएम का मिनट टू मिनट कार्यक्रम
9 से 10- उज्जैन रेलवे स्टेशन का दौरा।
10 से 10 :55 पिंगलेश्वर स्टेशन प्रस्थान और मुआयना।
10 :55 से 11.50 पंवासा प्रस्थान और मुआयना।
11.50 से 1.15 -मोहनपुरा स्टेशन प्रस्थान, दौरा।
1.15 से 2: नईखेड़ी प्रस्थान और मुआयना।
2-3: लंच
3 से 3.40 : विक्रमनगर प्रस्थान और दौरा।
3.40 से 4.50: चिंतामन प्रस्थान और मुआयना।
4.50 से 5.20: रिव्यू
5.20 से 5.45: मीडिया ब्रीफिंग
5.45 से 6.30 : कर्मचारी संगठन प्रमुखों से वार्ता।
6.55: अवंतिका एक्सप्रेस से मुंबई प्रस्थान।
नईखेड़ी-चिंतामन बायपास रेलवे लाइन को लेकर बवाल, किसानों ने काम रोका
उज्जैन। ङ्क्षसहस्थ के मद्देनजर तैयार की जा रही नईख्ेाड़ी-चिंतामन बायपास रेलवे लाइन की जमीन नपती के दौरान सोमवार को विवाद हो गया। मंगरोला में किसानों के हंगामे के बाद काम रोक दिया गया। दरअसल रेलवे 189.04 करोड़ रुपए की लागत से चिंतामन रेलवे स्टेशन से नईखेड़ी तक 8.6 किलोमीटर लंबी बायपास रेलवे लाइन बना रहा है।
इसका मकसद इंदौर से गुजरने वाली गुड्स ट्रेनों को नया रास्ता देना है। इसके साथ ही यह रेलवे लाइन नई पैंसेजर ट्रेनों के शुरू होने में भी मददगार हो सकती है। खासकर सिंहस्थ में मुंबई, दिल्ली रूट की ट्रेनों को उज्जैन से बायपास किया जा सकता है। रेलवे सिंहस्थ के पहले यह 8.6 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन तैयार करना चाहता है। सोमवार को रेलवे लाइन के लिए नपती शुरू हुई तो मंगरोला के किसानों ने विरोध कर दिया।









