कोचिंग संचालक से हफ्ता मांगा, नहीं देने पर लाठी-डंडों से पीटा, इंदौर रैफर

तीन थानों की पुलिस पहुंची, बजरंग दल कार्यकर्ता को पीटने का वीडियो वायरल, नीलगंगा पुलिस ने दर्ज किया प्रकरण
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
घटना के विरोध में हिंदूवादी संगठनों का प्रदर्शन
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। केशवनगर में हफ्ता मांगने को लेकर विवाद हो गया। इसमें आधा दर्जन लोगों ने एक कोचिंग संचालक पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर हालत में घायल को इंदौर रैफर किया गया है। जानकारी मिलते ही तीन थानों का बल मौके पर पहुंचा। इस दौरान घटना का विरोध करने पहुंचे हिंदूवादी संगठन के एक कार्यकर्ता की पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने का आरोप भी सामने आया है।
जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। मामले में पुलिस ने आरिफ और इमरान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच जारी है। इधर, पुलिस कार्रवाई से नाराज हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पहले नीलगंगा थाना का घेराव किया, इसके बाद हरिफाटक ब्रिज पर चक्काजाम कर दिया। इससे वाहनों की कतार लग गई। इसके बाद भी जब बात नहीं बनी तो कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान नारेबाजी भी की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद घेराव समाप्त हुआ।
दरअसल, केशव नगर निवासी अजय जागरी कोचिंग क्लास संचालक हैं। मंगलवार दोपहर करीब 12.15 बजे क्षेत्र के ही इमरान और आरिफ ने उनसे कहा कि हम यहां के दादा है, यहां कोचिंग सेंटर चलाने के हर हफ्ते रुपए देना पड़ेंगे। जब अजय जागरी ने रुपए देने से इंकार किया तो दोनों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इसमें दोनों युवकों के परिवार के लोग भी पहुंच गए। मारपीट में अजय जागरी गंभीर घायल हो गए। उन्हें सिर और पीठ में चोट लगी। बीच-बचाव करने आई उनकी पत्नी पूनम से भी आरोपियों ने धक्का-मुक्की की। घायल अजय को पहले चरक अस्पताल ले जाया गया जहां से हालत गंभीर होने पर इंदौर रैफर कर दिया गया।
विवाद बढ़ा तो पथराव हुआ
घटना के दौरान मौके पर नीलगंगा सहित तीन थानों का दल मौके पर पहुंच गया। इस दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। इस बीच कार्यकर्ताओं की पुलिस से झड़प हो गई। इसका वीडियो भी वायरल हो गया जिसमें पुलिसकर्मी एक कार्यकर्ता को पीटते दिख रहे हैं। हिंदूवादी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए महाकाल रोड जाम कर दिया। हालांकि, पुलिस की समझाइश के बाद कुछ ही देर में प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। इस दौरान व्रज वाहन भी आ गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने एसपी कार्यालय का घेराव किया। घटना में घरों पर पथराव की बात भी सामने आई है। मामले में नीलगंगा पुलिस ने इमराना और आरिफ के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।









