कोरोना का असर: सुरक्षा की दृष्टि से शहर के सभी पार्क 31 तक बंद

उज्जैन–  कोरोना वायरस पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। इसका मुकाबला संभव उपायों के साथ करने की आवश्यकता है घबराने की जुरूरत नहीं। हम इस विषय को लेकर चिंतित हैं और इस संबंध में उचित कार्यवाही की जा रही है। एहतियात के तौर पर शहर के उद्यानों और रैनबसेरा स्थलों को अस्थायी रूप से बंद किया है।
यह बात महापौर मीना जोनवाल ने कही। शुक्रवार को आयोजित विशेष बैठक में महापौर ने कहा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग हो या नगर निगम, किसी भी विभाग की कोई भी कार्यवाही की सफलता जन सहयोग पर निर्भर करती है। शहरवासियों के सकारात्मक सहयोग के बिना समस्याएं बढऩे की आशंका रहती हैं। लिहाजा निगम अमला हर स्तर पर जनजागरण के प्रयास करे।

महापौर ने निर्देशित किया कि एहतियाती उपायों के तहत उद्यानों एवं रैनबसैरा आश्रय स्थलों को 31 मार्च अथवा अन्य आदेश तक पूर्णत: बंद रखा जाए। इसी प्रकार आनंदधाम, जिम, पुस्तकालय, आंगनवाड़ी भी बंद रखें जाएं। कोरोना से बचाव के लिये जिन उपायों का उल्लेख प्रचार-प्रसार में किया जा रहा है उनका पालन कर बचा जा सकता है। महापौर ने बैठक के बाद कर्मचारियों को मास्क भी वितरित किए।

जनता कफ्र्यू का पालन करें- महापौर ने शहरवासियों से अपील की है कि कोरोना से बचाव के उपायों के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 मार्च को जनता कफ्र्यू का आह्वान किया है। शहरवासी इसका पालन भी करें।

इसी के साथ ही सफाई और स्वच्छता के क्रम में निगम को सहयोग करते हुए कचरा पृथकीकरण पर अमल करें, कचरा सड़कों पर ना डालते हुए वाहन के सुपूर्द करें, व्यवसायीगण बासी और खुली खाद्य व पेय सामग्री ना बचें। सामग्री को ढंक कर रखें। इस प्रकार हम कोरोना के विरुद्ध सफलता प्राप्त कर स्वयं को और शहर को इस बीमारी से बचा सकते हैं।