घाटों पर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बनेंगे विशेष चौड़े रैंप

निर्देश : गुणवत्ता में कमी मिलने पर अधिकारियों पर गिरेगी निलंबन की गाज, बारिश के पहले कान्ह डायवर्जन पूरा करें
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
उज्जैन। सिंहस्थ की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागृह में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान संभागायुक्त मेला अधिकारी आशीष सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माणाधीन कार्यों की गुणवत्ता सर्वोपरि है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण में किसी भी प्रकार की कमी पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मेला अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल कार्य करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को एक विस्तृत प्रोग्रेस चार्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि हर प्रोजेक्ट की निगरानी की जा सके।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष मॉडल घाट बनाए जा रहे हैं। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निर्देश दिए कि दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए 4 मीटर चौड़ा रैंप बनाया जाए। रैंप के बीच में रैलिंग लगाई जाएगी, जिससे 2 मीटर का मार्ग आने और 2 मीटर का मार्ग जाने के लिए सुरक्षित रहे।
कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय बेहतर रखें ताकि एक विभाग के कार्य से दूसरे विभाग के प्रोजेक्ट में बाधा न आए। बैठक में वन मंडलाधिकारी अनुराग तिवारी, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख परियोजनाओं की स्थिति
कान्ह डायवर्जन क्लोज डक्ट: इस परियोजना पर तेजी से कार्य जारी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ऑफ स्ट्रीम का कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए।
बांध का निर्माण कार्य प्रगति पर है और इसके लिए रेलवे से आवश्यक अनुमति प्राप्त हो चुकी है। चारधाम मंदिर और वाल्मीकि धाम क्षेत्र में नए सब-स्टेशन का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। पीडीसी के माध्यम से संयुक्त प्रशासनिक भवन और मेडिसिटी के कार्यों की समीक्षा की गई। ब्लास्टिंग कार्यों के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
19 गांवों के 662 किसानों को मिलेगा 627 करोड़ मुआवजा
इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड : सिंहस्थ के लिए गेम-चेंजर साबित होगा प्रोजेक्ट
उज्जैन। इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क प्रोजेक्ट क्षेत्र के विकास में नींव का पत्थर साबित होगा। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा यह प्रोजेक्ट न केवल आवागमन सुगम करेगा, बल्कि क्षेत्र के किसानों के जीवन में समृद्धि भी लाएगा। मुआवजा राशि की घोषणा और समस्याओं के निराकरण से उत्साहित किसान 5 और 6 मार्च को मुख्यमंत्री निवास भोपाल पहुंचेंगे। जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट के नेतृत्व में 19 गांवों के किसान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद ज्ञापित करेंगे।
इंदौर में मना जश्न: मुआवजा राशि की घोषणा होते ही शनिवार को इंदौर की रेजीडेंसी कोठी पर प्रभावित किसानों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया और मंत्री सिलावट का स्वागत किया। मंत्री श्री सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि यह प्रोजेक्ट केवल एक सड़क नहीं, बल्कि सांवेर के किसानों की प्रगति का मार्ग है। हम मुख्यमंत्री जी के आभारी हैं जिन्होंने किसानों के हित में ऐतिहासिक निर्णय लिया।
प्रोजेक्ट : कैसे बदलेगा दिशा और दशा
>> सांवेर विधानसभा के 19 गांवों के 662 किसानों को मिलेगी 627 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि।
>> सिंहस्थ और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति, यह प्रोजेक्ट इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन सिटी की परिकल्पना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
>> सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड, अंडरपास और आवश्यक डक्ट का निर्माण किया जाएगा।
>> बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक पर्यटन में उछाल आएगा।
>> एलिवेटेड कॉरिडोर के स्थान पर इसे जमीनी स्तर पर बनाने से स्थानीय लोगों को अधिक लाभ होगा।










