चुनाव के पहले हर जनपद में तीन करोड़ रुपए के काम होंगे

एक विधानसभा में बनेंगी छह करोड़ की सडक़ें
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भोपाल। अगले साल होने वाले पंचायत चुनाव के पहले राज्य सरकार ने छोटी आबादी वाले मजरे टोलों तक सडक़ बनाने का प्लान तैयार किया है। दिसम्बर 2027 में होने वाले पंचायत चुनाव के पहले जून 2027 तक प्लान के आधार पर गांवों में सडक़ों का जाल बिछाकर सम्पूर्ण ग्राम विकास की अवधारणा को मूर्त रूप देना का काम होगा। यह काम ग्राम पंचायतों से कराया जाएगा और हर जनपद में कम से कम तीन करोड़ के काम कराए जाएंगे। चूंकि एक विधानसभा में कम से कम दो जनपद क्षेत्र होते हैं, इसलिए एक विधानसभा में छह करोड़ तक के सिर्फ सडक़ों के काम कराए जाएंगे।
मोहन यादव सरकार ने सुगम संपर्कता परियोजना के नाम पर एक्शन प्लान तैयार कर कलेक्टरों, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक महात्मा गांधी नरेगा को इसके एग्जीक्यूशन की जिम्मेदारी भी सौंप दी है। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री प्रहलाद पटेल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि सुगम संपर्कता परियोजना प्रारंभ हो गई है। इस परियोजना से एक गांव से दूसरे गांव को जोडने वाली सडक़ बनेगी। हर जनपद में तीन करोड़ तक के काम होंगे। सिपरी सॉफ्टवेयर से कार्यों का चयन होगा व डीपीआर बनेगी। गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए ड्रोन तकनीक से कार्यों की निगरानी कराई जाएगी। परिषद ने अलग-अलग कार्यों के लिए मार्च 2026 तक की समय-सीमा तय की है। 31 मार्च 2026 तक सभी प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए कहा गया है।
निर्देशों में कहा गया है कि नई सडक़ का चिन्हांकन सब इंजीनियर द्वारा ट्रांजिट वॉक कर किया जाएगा। मोबाइल एप से सर्वे के दौरान यह तय किया जाएगा कि सर्वे पैदल चलकर ही किया गया है। इसके बाद प्रस्ताव सहायक यंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा। इसमें प्रस्तावित सडक़ में शासकीय भूमि, निजी भूमि, वन भूमि की जानकारी भी अलग से देना होगी। सभी सडक़ों में सुगम जल निकासी के लिए एक बैलेंसिंग कलवर्ट लिया जाएगा। हर एक किमी में चार स्थानों पर ड्रेन पाइप लिए जाएंगे और इस जल निकासी का उपयोग किसानों द्वारा खेती के लिए किया जा सकेगा। इसमें कहा गया है कि मनरेगा के अंतर्गत पुराने कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी तथा आगामी आदेश तक ‘सुगम संपर्क परियोजना’ के अतिरिक्त अन्य कार्य स्वीकृत नहीं किए जाएंगे।









