छात्र के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले को 20 साल की सजा

डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर सजा
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:चिमनगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले छठी के छात्र के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने वाले को कोर्ट ने 20 साल कैद की सजा सुनाई है। पीडि़त बालक, उसका चचेरा भाई, मां व चाचा बयान से पलट गए थे। बावजूद इसके डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट ने सजा सुनाई।
जिला अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र खाण्डेगर ने बताया कि चिमनगंज थाना क्षेत्र में रहने वाला बच्चा 4 फरवरी 2023 की रात अपने चचेरे भाई के साथ सामान लेने दुकान पर गया था। यहां पर उसे 27 वर्षीय नीलेश उर्फ नीलू पुत्र दुर्गाप्रसाद मोरे निवासी हीरालाल की ग्वाड़ी, काजीपुरा मिला था। उसने छात्र के चचेरे भाई को वहां से जाने के लिए कहा और छात्र को कृषि उपज मंडी की ओर ले गया। यहां नीलू ने बच्चे का साथ अप्राकृतिक कृत्य किया।
पुलिस ने कई धाराओं में दर्ज किया था केस
बच्चे के रोने पर नीलू ने उसे धमकाया और अगले दिन काम्प्लेक्स के समीप सुबह 11 बजे बुलाया। बच्चे ने अपने स्वजन को घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपित नीलेश के खिलाफ धारा 363, 377 एवं 506 एवं धारा 3 सहपठित धारा 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था।
कोर्ट में बयानों से मुकरा बच्चा
न्यायालय में ट्रायल के दौरान पीडित बच्चा, उसकी मां, उसका चचेरा भाई तथा उसके चाचा अपने बयानों से मुकर गए। लेकिन पीडि़त बच्चे की एमएलसी रिपोर्ट व डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर नीलेश मोरे को 20 साल कैद व दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन सूरज बछेरिया ने की।









