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जहां वारदात वहां कैमरे बंद चार टीमों को नहीं मिला सुराग

मामला जीरो पाइंट ब्रिज रोड के पास पानी पिलाकर महिला के साथ ठगी करने का

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। ढांचाभवन के नजदीक जीरो पॉइंट ब्रिज रोड के पास वृद्धा के साथ तीन युवकों द्वारा की गई ठगी के मामले में सात दिन भी बाद भी ठगोरों का सुराग नहीं मिल सका है। खास बात यह है कि देवासगेट पुलिस के साथ चिमनगंज, सायबर और क्राइम की टीमें आरोपियों की धरपकड़ में जुटी हैं। पुलिस के लिए परेशानी यह है कि जहां वारदात हुई वहां पर सीसीटीवी कैमरे बंद हैं और आसपास से निकलने के कई रास्ते हैं। ऐसे में ठगोरे किस ओर गए, यह पता नहीं लग पा रहा है।

दरअसल, ठगी की यह घटना 27 मार्च को समाजसेवी गोपाल बागरवाल की पत्नी राजूदेवी के साथ हुई थी। वे रोज परिवार के बच्चों के साथ ओवरब्रिज के पास स्थित महादेव मंदिर में दर्शन करने जाती हंै। घटना वाले दिन बच्चे घर पर नहीं थे, लिहाजा वह अकेले ही दर्शन करने के लिए निकली थीं। ढांचा भवन तिराहे पर बाइक से आए दो युवको ने उन्हें रोककर पानी मांगा। राजूदेवी ने पानी नहीं होने की बात कहते हुए युवकों को पानी की बोतल खरीदने के लिए 10 रुपए दिए।

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इसके बाद एक युवक पानी की बोतल लेने चला गया, जबकि दूसरा उनसे बातें करने लगा। उसने राजूदेवी से कहा हमें तंत्र शक्तियों का ज्ञान है। हमें आभास हो रहा है कि आपके बच्चों पर घात है। आपके गहनों पर काल सवार है। इन्हें उतारकर रख दीजिए। इसी बीच एक और अन्य युवक आ गया। उसने दूसरे से कहा भैया हम भी परेशान हैं, हमें भी उपाय बताओ। इस तरह बदमाशों ने महज चंद ही मिनट में बातचीत से ऐसा माहौल बनाया कि राजू देवी को उन पर भरोसा हो गया।

उन्होंने कान के टॉप्स व चेन उतारकर बदमाश के हाथ में दे दी। उसने रूमाल में इन्हें लपेटा और राजूदेवी से कहा कि आप इसे घर ले जाकर रख दीजिए। इसी बीच एक युवक ने गंगा जल का हवाला देकर बोतल का पानी पिलाया और इसके बाद उन्हें ध्यान नहीं रहा। ठगे गए गहनों की कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपए है। थोड़ी देर बाद जब राजू देवी को होश आया तो उन्होंने युवकों को बाइक से जाते देखा, वह जैसे-तैसे घर पहुंचीं और परिजनों को घटना की जानकारी दी जिसके बाद देवासगेट थाने में प्रकरण दर्ज करवाया गया।

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एसपी जता चुके नाराजगी
ढांचा भवन तिराहे पर ज्ञानेश्वरी माता मंदिर से कुछ दूर जिस जगह यह वारदात हुई, वहां तीन कैमरे लगे हैं। इन्हें चैक किया तो पता चला कि सभी बंद हैं, जबकि यहां से आवागमन के लिए भी कई रास्ते हैं, ऐसे में ठगोरे किस ओर से निकले, यह पता करना मुश्किल हो रहा है। कैमरे बंद होने को लेकर पिछले दिनों हुई अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस कप्तान प्रदीप शर्मा भी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।

जल्द आरोपी गिरफ्त में होंगे
घटनास्थल पर कैमरे बंद होने से परेशानी आ रही है लेकिन टीम सरगर्मी से ठगोरों की तलाश में जुटी हुई है। गुुंड-बदमाशों को ईरानी गैंग का एलबम दिखाया है लेकिन उन्होंने पहचान से इंकार कर दिया। पता चला है कि वारदात को अंजाम देने वाले कम उम्र हैं। पहचान के प्रयास जारी है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
राधेश्याम आंवलिया, एसआई, थाना देवासगेट

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